झारखंड

कोल्हान विवि सहायक प्रोफेसर और पूर्व प्रचार्य के आरोप-प्रत्यारोप वाले मामले पर गंभीर

Sarita
10 Sept 2022 12:00 PM IST
Meghalaya: Three bills introduced on first day of autumn session
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न्यूज़ क्रेडिट : lagatar.in

कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज में पदस्थापित हिंदी विषय के सहायक प्रोफेसर डॉ. रवि रंजन व घाटशिला कॉलेज के पूर्व प्रचार्य डॉ. पीके गुप्ता के आरोप प्रत्यारोप प्रकारण मामले को अब कोल्हान विश्वविद्यालय ने भी गंभीरता से लिया है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज में पदस्थापित हिंदी विषय के सहायक प्रोफेसर डॉ. रवि रंजन व घाटशिला कॉलेज के पूर्व प्रचार्य डॉ. पीके गुप्ता के आरोप प्रत्यारोप प्रकारण मामले को अब कोल्हान विश्वविद्यालय ने भी गंभीरता से लिया है. लगातार न्यूज व दैनिक अखबार शुभम संदेश में प्रकाशित खबर को लेकर पूरे राज्य भर के शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है. सहायक प्रोफेसर डॉ. रवि रंजन कुमार ने घाटशिला कॉलेज के पूर्व प्रचार्य डॉ. पीके गुप्ता पर आरोप उस वक्त लगाया जब उनका तबादला जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज जगन्नाथपुर हो गया. उनका मामना है कि तबादला एक कर्रवाई के तहत हुआ है. हालांकि डॉ. रवि रंजन ने अपने फेसबुक पोस्ट पर सकारात्मक बाते कहते हुये जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज जगन्नाथपुर में तबादला होने को एक अवसर बताया.

ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने का प्रयास करूंगा – डॉ. रवि रंजन
उन्होंने कहा कि घाटशिला से बेहतर वातावरण जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज का है, ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने का प्रयास करूंगा. उन्होंने कहा कि मेरी कमजोरी यह है कि "मैं अपने विद्यार्थियों को छोड़ किसी को खुश रख पाने में आज तक सफल नहीं हो पाया. इसी का सुफल है कि बारी-बारी से अब तक चार कॉलेजों में मेरा स्थानांतरण होता रहा. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, चक्रधरपुर से हिन्दी विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा. हिंदी विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा से घाटशिला कॉलेज घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम, झारखंड) और अब घाटशिला कॉलेज, घाटशिला से डिग्री कॉलेज, जगन्नाथपुर हो गया है. कोल्हान विवि के प्रवक्ता डॉ. पीके पाणी ने कहा कि अभी तक जगन्नाथपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. रवि रंजन व घाटशिला कॉलेज के पूर्व प्रचार्य डॉ. पीके गुप्ता से संबंधित किसी तरह का लिखित शिकायत विश्वविद्यालय के पास नहीं पहुंचा है. हालांकि खबर से विवि अवगत हो गया है. लिखित शिकायत मिलने पर जांच किया जायेगा.
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