
झारखंड : चतरा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल मां कौलेश्वरी पर्वत पर रोपवे निर्माण का सपना जल्द पूरा होने की उम्मीद है। लंबे समय से चली आ रही मांग को अब गति मिलने लगी है। प्रस्तावित रोपवे परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह ने इस संबंध में रांची में पर्यटन एवं कला-संस्कृति विभाग के सचिव मुकेश कुमार से मुलाकात की और मां कौलेश्वरी धाम के समग्र विकास तथा रोपवे निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा की।
29 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा रोपवे
प्रस्तावित रोपवे परियोजना की अनुमानित लागत करीब 29 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सांसद कालीचरण सिंह ने अधिकारियों से परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस वर्ष दिसंबर के अंत तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
रोपवे बनने के बाद पहाड़ी पर स्थित मां कौलेश्वरी धाम तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगी राहत
मां कौलेश्वरी पर्वत धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
वर्तमान में पहाड़ी तक पहुंचने के लिए लोगों को कठिन रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालु कम समय और कम मेहनत में मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा
रोपवे परियोजना को केवल धार्मिक सुविधा के रूप में नहीं बल्कि पर्यटन विकास की बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
मां कौलेश्वरी पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को देखते हुए यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
रोपवे शुरू होने के बाद राज्य और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
कौलेश्वरी धाम के विकास पर भी चर्चा
सांसद और पर्यटन विभाग के सचिव के बीच हुई बैठक में केवल रोपवे ही नहीं बल्कि कौलेश्वरी धाम के समग्र विकास को लेकर भी चर्चा हुई।
इसमें श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, पर्यटन आधारभूत ढांचे का विस्तार और क्षेत्र को विकसित पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
रोपवे परियोजना शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, दुकान, परिवहन और अन्य छोटे व्यवसायों को फायदा मिल सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी
मां कौलेश्वरी पर्वत पर रोपवे निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही है।
श्रद्धालु और स्थानीय लोग लगातार यहां बेहतर सुविधाओं की मांग करते रहे हैं।
अब परियोजना को लेकर हुई पहल से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही यह सपना पूरा होगा।
प्रशासनिक स्तर पर तेज होगी प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को शुरू करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद रोपवे को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा जाएगा।
चतरा को मिलेगी नई पहचान
मां कौलेश्वरी पर्वत पर रोपवे बनने के बाद चतरा जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़े इस क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं विकसित होने से यहां आने वाले लोगों का अनुभव भी बेहतर होगा।
रोपवे परियोजना को चतरा के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





