झारखंड

जमशेदपुर में बैंक से 33.60 करोड़ की डकैती, 23.80 किलो सोना और 40 लाख कैश लूट ले गए बदमाश

Kavita2
25 Sept 2026 10:15 AM IST
जमशेदपुर में बैंक से 33.60 करोड़ की डकैती, 23.80 किलो सोना और 40 लाख कैश लूट ले गए बदमाश
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जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार सुबह गोलमुरी बाजार स्थित केनरा बैंक की शाखा में बड़ी डकैती की वारदात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बैंक खुलने के कुछ ही देर बाद पांच हथियारबंद बदमाश अंदर घुसे और सुरक्षा गार्ड तथा कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने करीब 40 लाख रुपये नकद और बैंक में मॉरगेज के रूप में रखा लगभग 23.80 किलोग्राम सोना लूट लिया। सोने की कीमत करीब 33.20 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस हिसाब से लूटी गई संपत्ति का कुल मूल्य करीब 33.60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

वारदात सुबह करीब 9.10 बजे हुई। बैंक खुलने के समय कर्मचारी अपनी नियमित गतिविधियों में जुटे ही थे कि हथियारबंद बदमाशों ने शाखा को निशाना बनाया। घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने ऐसा समय चुना जब बैंक में ग्राहकों की आवाजाही शुरू नहीं हुई थी या अपेक्षाकृत कम थी। अचानक हथियारबंद लोगों को देखकर बैंक कर्मचारियों में दहशत फैल गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पांचों बदमाश हथियारों से लैस थे। बैंक में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों को अपने नियंत्रण में लिया। हथियार दिखाकर उन्हें डराया गया और विरोध नहीं करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने बैंक में रखी नकदी और मॉरगेज गोल्ड तक पहुंच बनाई।

बैंक में ग्राहकों द्वारा ऋण के बदले गिरवी रखे गए सोने को मॉरगेज गोल्ड के रूप में सुरक्षित रखा गया था। बदमाश करीब 23.80 किलोग्राम सोना अपने साथ ले गए। इसकी अनुमानित कीमत 33.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा करीब 40 लाख रुपये नकद भी लूटे जाने की जानकारी है। लूटी गई नकदी और सोने की वास्तविक मात्रा का बैंक रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है।

वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। उनके जाने के बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इतनी बड़ी बैंक डकैती की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बैंक परिसर की जांच शुरू की। बैंक के अंदर और आसपास के इलाके को जांच के दायरे में लिया गया है। घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में नौ डीएसपी और सात थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है। अलग-अलग अधिकारियों को आरोपियों की पहचान, उनके भागने के रास्ते, तकनीकी जांच और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की कई टीमें एक साथ अलग-अलग दिशा में जांच कर रही हैं।

जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। बैंक परिसर में लगे कैमरों के साथ गोलमुरी बाजार, मुख्य सड़कों, आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संभावित निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस वाहन से पहुंचे थे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।

पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की फुटेज को जोड़कर बदमाशों का संभावित रूट तैयार करने का प्रयास कर रही है। बैंक पहुंचने से पहले आरोपी कहां से आए और वारदात के बाद उन्होंने शहर से बाहर निकलने के लिए कौन सा रास्ता इस्तेमाल किया, इसकी जांच की जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।

बैंक कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड से भी घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। उनसे बदमाशों के हुलिए, कपड़ों, बातचीत के तरीके, इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना के दौरान उनके व्यवहार के बारे में जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को बैंक की आंतरिक व्यवस्था और सोना रखे जाने की जगह के बारे में पहले से जानकारी थी या नहीं।

वारदात के तरीके को देखते हुए पुलिस पूर्व नियोजित साजिश की संभावना समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकदी लेकर फरार होने के लिए बदमाशों ने किस तरह तैयारी की थी, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना में पांच लोगों के अलावा बाहर से कोई अन्य व्यक्ति उनकी मदद कर रहा था या नहीं।

लूटे गए मॉरगेज गोल्ड का विवरण भी जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कितना सोना किस ग्राहक से संबंधित था और कुल वजन कितना था। बैंक की ओर से तैयार सूची और वास्तविक रिकॉर्ड का मिलान होने के बाद नुकसान की अंतिम राशि स्पष्ट होगी। फिलहाल 23.80 किलो सोना और करीब 40 लाख रुपये नकद लूटे जाने की जानकारी सामने आई है।

इस बड़ी वारदात के बाद शहर के बैंक और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। खासकर बैंक खुलने और बंद होने के समय सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह जांच भी कर सकती है कि घटना के समय शाखा में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और बदमाश उन्हें इतनी जल्दी कैसे निष्क्रिय करने में सफल रहे।

जमशेदपुर में दिन की शुरुआत में हुई इस वारदात ने व्यापारिक क्षेत्र गोलमुरी में सनसनी फैला दी। करीब 33.60 करोड़ रुपये की संपत्ति की डकैती के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की जल्द पहचान और लूटा गया सोना तथा नकदी बरामद करने की बड़ी चुनौती है। नौ डीएसपी और सात थाना प्रभारियों वाली एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और बैंक कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की पूरी योजना और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

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