
Jharkhand झारखंड : लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड कार्यालय स्थित सभा भवन में शनिवार को विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रतिमा कुमारी ने की। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से मनरेगा, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, दीदी बाड़ी योजना, बिरसा मुंडा आम बागवानी योजना और मजदूरी डिमांड से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की गई।
बीडीओ प्रतिमा कुमारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक समय पर पहुंचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा के तहत मानव दिवस (Man-days) सृजन बढ़ाने पर जोर दिया। बीडीओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को काम मिल सके और पलायन की समस्या को कम किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ‘आवास प्लस’ सूची में शामिल सभी पात्र लाभुकों को शीघ्र लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य लाभार्थी को योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए और आवेदन से लेकर लाभ वितरण तक की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को कैसे दूर किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी करें और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बीडीओ ने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखना चाहिए।
ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लाभुकों की पहचान प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सरकारी सहायता पहुंचे।
स्थानीय स्तर पर इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें रोजगार सृजन और आवास योजनाओं जैसे बुनियादी मुद्दों पर फोकस किया गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इन निर्देशों के बाद योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए समन्वय और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।





