झारखंड

म्यूटेशन के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार

Kavita2
15 Sept 2026 1:50 PM IST
म्यूटेशन के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार
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हजारीबाग। सदर अंचल क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को कथित तौर पर दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान लेम पंचायत हल्का सात में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सतीश कुमार के रूप में हुई है। एसीबी की टीम ने यह कार्रवाई सदर अंचल स्थित कर्मचारी भवन में दोपहर करीब 12:45 बजे की। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपित राजस्व कर्मचारी को अपने साथ हजारीबाग ले गई, जहां मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बताया गया कि राजस्व कर्मचारी पर जमीन के म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज के काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। संबंधित व्यक्ति से दस हजार रुपये की कथित मांग की गई थी। रिश्वत मांगे जाने से परेशान व्यक्ति ने मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और शिकायत की पुष्टि के बाद राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।

म्यूटेशन के लिए मांगी गई थी रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार, लेम पंचायत हल्का सात में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सतीश प्रसाद के पास एक व्यक्ति जमीन के म्यूटेशन से संबंधित कार्य के लिए पहुंचा था। आरोप है कि संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने और पूरा करने के एवज में राजस्व कर्मचारी की ओर से दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।

जमीन के म्यूटेशन का काम आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है। जमीन की खरीद-बिक्री या स्वामित्व में बदलाव के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज कराने के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी काम के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एसीबी तक पहुंची।

शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांगने की जानकारी एसीबी अधिकारियों को दी। इसके बाद ब्यूरो की ओर से शिकायत की जांच की गई। आरोपों की पुष्टि के बाद एसीबी ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

कर्मचारी भवन में पहुंची एसीबी टीम

मंगलवार को एसीबी की टीम ने सदर अंचल के कर्मचारी भवन में कार्रवाई की। दोपहर करीब 12:45 बजे टीम ने राजस्व कर्मचारी को कथित तौर पर दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की। राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद सदर अंचल कार्यालय परिसर में हलचल मच गई। अचानक हुई कार्रवाई की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई।

एसीबी की टीम ने कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी को अपने साथ हजारीबाग ले गई। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

शिकायतकर्ता की सूचना पर हुई कार्रवाई

एसीबी की कार्रवाई में शिकायतकर्ता की सूचना अहम रही। रिश्वत की मांग से परेशान व्यक्ति ने सीधे एसीबी से संपर्क किया था। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाई और आरोपों की जांच की।

जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। मंगलवार को इसी योजना के तहत कार्रवाई की गई। कर्मचारी भवन में जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, एसीबी की टीम ने कार्रवाई कर दी।

इस तरह राजस्व कर्मचारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई और मामले से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया शुरू की।

राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर सवाल

सदर अंचल में हुई इस कार्रवाई ने जमीन और राजस्व से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। जमीन के म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, रसीद और अन्य राजस्व कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोग अंचल कार्यालयों पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे में यदि किसी सरकारी कर्मचारी पर इन कार्यों के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगता है तो यह आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। एसीबी की कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं।

हालांकि, आरोपित कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल एसीबी ने उसे कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

आगे की जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि म्यूटेशन के काम के लिए रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई थी और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

एसीबी यह भी जांच कर सकती है कि गिरफ्तार कर्मचारी के खिलाफ पहले से रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार से संबंधित कोई शिकायत या मामला दर्ज है या नहीं। इसके अलावा जिस जमीन के म्यूटेशन को लेकर कथित रिश्वत की मांग की गई थी, उससे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।

मंगलवार को सदर अंचल में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। दोपहर करीब 12:45 बजे कर्मचारी भवन में दस हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी सतीश कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की आगे की जांच जारी है। शिकायतकर्ता की सूचना पर हुई इस कार्रवाई ने सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। एसीबी की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

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