झारखंड

वीबी जीरामजी योजना में श्रमिकों को राहत, मिट्टी कटाई के काम की मात्रा घटाई गई

Kavita2
4 Sept 2026 12:54 PM IST
वीबी जीरामजी योजना में श्रमिकों को राहत, मिट्टी कटाई के काम की मात्रा घटाई गई
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रांची। राज्य में वीबी जीरामजी योजना के तहत काम करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने श्रमिकों को एक दिन की मजदूरी प्राप्त करने के लिए तय कार्य मात्रा में कमी कर दी है। अब श्रमिकों को पहले की तुलना में कम मिट्टी कटाई का काम पूरा करने पर भी एक दिन की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत मिट्टी कटाई के कार्य में पूर्व निर्धारित मात्रा को घटाकर औसतन 50.43 सीएफटी कर दिया गया है। इससे श्रमिकों को काम पूरा करने में आसानी होगी और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक बनेगी।

पहले 73 सीएफटी था कार्य का मानक

वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए मिट्टी कटाई के कार्य की एक निश्चित मात्रा तय की गई थी। पहले श्रमिकों को एक दिन की मजदूरी पाने के लिए 73 सीएफटी मिट्टी कटाई का काम करना होता था।

अब सरकार ने इस मानक में बदलाव करते हुए इसे घटाकर औसतन 50.43 सीएफटी कर दिया है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से श्रमिकों की मेहनत और मजदूरी भुगतान के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा।

महिलाओं के लिए अलग तय की गई सीमा

नई व्यवस्था में महिला श्रमिकों के लिए कार्य की मात्रा अलग रखी गई है। महिलाओं को एक दिन की मजदूरी के लिए 46.97 सीएफटी मिट्टी कटाई का कार्य करना होगा।

सरकार ने यह बदलाव श्रमिकों की क्षमता और कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया है। इससे महिला श्रमिकों को भी योजना का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

मजदूरी भुगतान में आएगी पारदर्शिता

राज्य सरकार अब नई कार्य मात्रा और मजदूरी दरों को निर्धारित सॉफ्टवेयर ‘सेक्योर सॉफ्ट’ में अपलोड करने की तैयारी कर रही है।

सॉफ्टवेयर में नई दरें दर्ज होने के बाद कार्य की मात्रा और मजदूरी भुगतान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा। इससे मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

श्रमिकों की परेशानी कम करने का प्रयास

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं में श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिलना महत्वपूर्ण होता है।

कई बार निर्धारित कार्य मात्रा अधिक होने के कारण श्रमिकों को मजदूरी पाने में कठिनाई होती है। नई व्यवस्था से ऐसे श्रमिकों को राहत मिलने की संभावना है।

सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत काम करने वाले लोगों को उनकी मेहनत के अनुसार उचित भुगतान मिले और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर

वीबी जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर काम मिलता है और उनकी आय का साधन मजबूत होता है।

सरकार लगातार योजना की कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

नई व्यवस्था से बढ़ेगी कार्यक्षमता

अधिकारियों का कहना है कि कार्य मात्रा में संशोधन करने से श्रमिकों और प्रशासन दोनों के लिए सुविधा बढ़ेगी।

जहां श्रमिकों को मजदूरी प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विभाग के लिए कार्यों का मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया भी बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगी।

जल्द लागू होंगी नई दरें

राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सेक्योर सॉफ्ट में संशोधित कार्य मात्रा और दरों को जल्द अपलोड किया जाएगा।

इसके बाद योजना के तहत होने वाले कार्यों में नई व्यवस्था के अनुसार मजदूरी भुगतान किया जाएगा।

वीबी जीरामजी योजना में कार्य मात्रा कम करने का फैसला ग्रामीण श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे खासकर अकुशल और महिला श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से काम और मजदूरी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा योजना का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

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