
दुमका/हंसडीहा। दुमका जिले के हंसडीहा क्षेत्र में करीब आठ वर्षों से बंद पड़ा लैम्पस (बहुउद्देशीय सहकारी समिति) अब फिर से शुरू होने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) के हस्तक्षेप के बाद गोदाम की चाबी लैम्पस प्रबंधन को सौंप दी गई है, जिससे किसानों को जल्द खाद, बीज और अन्य सहकारी सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
हंसडीहा पंचायत सचिवालय में शनिवार को सहकारी सप्ताह की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम 29 जून से 6 जुलाई तक केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारिता पदाधिकारी कर्मवीर मेहता ने की। इसमें सरैयाहाट, रामगढ़ और जरमुंडी प्रखंड के सहकारिता अधिकारी, लैम्पस अध्यक्ष और सहायक प्रबंधक शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि 29 जून को शपथ ग्रहण के साथ सहकारी सप्ताह की शुरुआत होगी, जिसके बाद सदस्यता अभियान, पौधरोपण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
बैठक के दौरान हंसडीहा पंचायत की मुखिया आशा हेंब्रम ने किसानों की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि लैम्पस लंबे समय से बंद रहने के कारण किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस पर जिला सहकारिता पदाधिकारी ने प्रबंधक जालिम राय से जानकारी ली। प्रबंधक ने बताया कि पुराना भवन जर्जर होने के कारण संचालन बंद करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि हटिया मैदान स्थित गोदाम से संचालन शुरू किया जा सकता है, लेकिन चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण काम रुका हुआ था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीओ ने तुरंत गोदाम की चाबी उपलब्ध कराई और लैम्पस प्रबंधन को सौंप दी। साथ ही जल्द संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए। इस फैसले के बाद किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राहत की भावना जताई। लोगों का कहना है कि लैम्पस शुरू होने से उन्हें खाद, बीज और अन्य जरूरी कृषि सामग्री समय पर मिलेगी और उन्हें दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे खेती-किसानी में सुविधा बढ़ेगी और आर्थिक बोझ कम होगा।
बैठक के अंत में पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौध वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कई सहकारिता अधिकारी और लैम्पस प्रतिनिधि मौजूद रहे।





