झारखंड

खीरे की रिकॉर्ड खेती, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा दाम

Saba Naaz
23 Jun 2026 3:05 PM IST
खीरे की रिकॉर्ड खेती, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा दाम
x

Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के बामडोल गांव में इस समय बड़े पैमाने पर खीरा और सब्जी की खेती हो रही है। यहां के किसान लगभग 800 बीघा जमीन पर खीरा और अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं। गांव के करीब 70 परिवारों की मुख्य आजीविका खेती पर ही निर्भर है।

इस बार खेतों में खीरे की अच्छी पैदावार शुरू हो गई है और उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। खेतों के किनारे स्थानीय व्यापारी मंडी लगाकर किसानों से खीरा खरीद रहे हैं। वर्तमान में खीरा 18 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदा जा रहा है। यहां से प्रतिदिन दो पिकअप खीरा जमशेदपुर समेत आसपास के बाजारों में भेजा जा रहा है।

किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयों की कीमत लगातार बढ़ रही है, साथ ही मजदूरी का खर्च भी काफी अधिक है। ऐसे में 18 से 20 रुपये प्रति किलो का भाव उनके खर्च के मुकाबले कम है। किसानों के अनुसार आने वाले दिनों में उत्पादन और बढ़ेगा, जिससे बाजार में कीमत और गिरने की आशंका है। इससे नुकसान और बढ़ सकता है।

किसानों ने बताया कि बारिश की कमी भी इस बार एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे फसल पर असर पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

सबसे बड़ी समस्या कोल्ड स्टोरेज की कमी बताई जा रही है। बहरागोड़ा क्षेत्र में सब्जी उत्पादन बड़े पैमाने पर होने के बावजूद आज तक एक भी कोल्ड स्टोरेज की सुविधा नहीं है। इसी कारण किसानों को अपनी फसल तुरंत बाजार में बेचना पड़ता है और वे व्यापारियों द्वारा तय किए गए दाम पर ही बेचने को मजबूर हैं।

किसानों का कहना है कि अगर क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा होती तो वे अपनी उपज को कुछ समय तक सुरक्षित रखकर बेहतर कीमत मिलने पर बाजार में बेच सकते थे। लेकिन इस ओर अब तक जनप्रतिनिधियों या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

कुल मिलाकर, बहरागोड़ा के किसान इस समय अच्छी पैदावार के बावजूद कम कीमत, बढ़ती लागत और बुनियादी सुविधाओं की कमी से आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

Next Story