झारखंड

छात्रों के फीडबैक पर आईआईटी में तय हो रही शिक्षकों की रेटिंग

Admin Delhi 1
19 Jun 2023 5:54 AM GMT
छात्रों के फीडबैक पर आईआईटी में तय हो रही शिक्षकों की रेटिंग
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धनबाद न्यूज़: सत्र 2022-23 के इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई पूरी होने के बाद आईआईटी धनबाद को बाय-बाय बोल दिया है. संस्थान छोड़ने के पहले फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं ने आईआईटी के शिक्षकों समेत अन्य सुविधाओं के बारे में ऑनलाइन फीडबैक दिया. आईआईटी ने छात्र-छात्राओं के फीडबैक के आधार पर शिक्षकों की रेटिंग तय की है. 10 प्वाइंट में से 9 प्वाइंट से अधिक प्राप्त करने वाले शिक्षक एक्सीलेंट, 8.5 से 9 प्वाइंट पाने वाले शिक्षक गुड व वेरीगुड कटेगरी में शामिल किए गए हैं.

वहीं 7 या उससे कम प्वाइंट पाने वाले शिक्षकों को पत्र जारी कर टीचिंग टेक्निक सुधार करने को कहा जा रहा है. ऐसे चिह्नित शिक्षकों को एडवाइजरी जारी कर कहा जा रहा है कि अपनी टीचिंग इम्प्रूव करें. महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षकों के समक्ष छात्र-छात्राओं के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है. संस्थान की ओर से फीडबैक देने वाले छात्र-छात्राओं का नाम गोपनीय रखा जा रहा है. बताते चलें कि संस्थान छोड़ने के पहले 15 मई तक पासआउट छात्रों को अनिवार्य रूप से फीडबैक देने का आदेश दिया गया था. निदेशक प्रो. राजीव शेखर ने कहा कि छात्रों के फीडबैक के आधार पर यह पहल शुरू की गई है. विंटर सेमेस्टर से प्रत्येक डिपार्टमेंट में एआई का कोर्स आईआईटी धनबाद में विंटर सेमेस्टर वर्ष 2024 से प्रत्येक डिपार्टमेंट में एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शुरू होगा. निदेशक प्रो. राजीव शेखर कहते हैं कि प्रत्येक डिपार्टमेंट को अभी निर्देश दिया गया है कि एआई के दो लेक्चर को शामिल करें. यह बताएं कि एआई का क्या फायदा होगा. उसके बाद वर्ष 2024 से हमलोग इसे शुरू करेंगे. इसकी सभी विभागों में तैयारी शुरू हो गई है.

एनआईआरएफ के टॉप टेन में पहुंचना लक्ष्य

निदेशक ने बताया कि एनआईआरएफ के टॉप टेन में पहुंचना आईआईटी धनबाद का लक्ष्य है. पब्लिकेशन, पेटेंट समेत अन्य बिंदुओं पर फोकस है. संस्थान का पेटेंट भी बढ़ गया है. हमलोग छात्र-शिक्षक अनुपात में थोड़ा पिछड़ रहे हैं. उसे भी ठीक किया जा रहा है. निर्धारित समय पर पढ़ाई पूरी करने व परीक्षा पास नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं को चार मौके दिए जा रहे हैं. दो हजार क्षमता वाले ब्वॉय हॉस्टल नए सत्र से शुरू हो जाएंगे. उसका नामकरण एक्वा मरीन रखने पर विचार किया जा रहा है.

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