झारखंड

रांची में दुर्लभ सांप बरामद, विदेश में करोड़ों कीमत, युवक गिरफ्तार

Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 9:51 PM IST
रांची में दुर्लभ सांप बरामद, विदेश में करोड़ों कीमत, युवक गिरफ्तार
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रांची: झारखंड की राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ सांप मिलने से इलाके में हलचल मच गई। पुलिस ने सांप के साथ हरियाणा के सोनीपत निवासी एक युवक को पकड़ा है। युवक की पहचान टीलू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे, जो मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश और मामले की जांच में जुटी है।
इस घटना के सामने आने के बाद रेड सैंड बोआ सांप को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह सांप अपनी विशिष्ट बनावट और वन्यजीव तस्करी से जुड़े मामलों के कारण जाना जाता है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि सांप को रांची क्यों लाया गया था और इसके पीछे कोई अवैध कारोबार या अन्य गतिविधि तो नहीं थी।
लालपुर थाना क्षेत्र में कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार, राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में रेड सैंड बोआ सांप मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान हरियाणा के सोनीपत निवासी टीलू को सांप के साथ पकड़ा गया। उसके साथ मौजूद दो अन्य व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहे।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस को सांप के बारे में सूचना किस माध्यम से मिली थी और उसे पकड़ने के लिए किस तरह की कार्रवाई की गई। इस मामले में जांच के बाद ही घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पूरा विवरण सामने आ सकेगा।
पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं। इनमें सांप को कहां से लाया गया, उसे कहां ले जाने की योजना थी और उसके साथ मौजूद दोनों व्यक्ति कौन थे, जैसे सवाल शामिल हैं। फरार लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
क्या है रेड सैंड बोआ सांप?
रेड सैंड बोआ एक विशेष प्रकार का सांप है, जिसे आम तौर पर दोमुंहा सांप भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Eryx johnii है। यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके शरीर की बनावट और पूंछ का आकार ऐसा होता है कि कई बार लोग इसे दो सिर वाला सांप समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में इसका एक ही सिर होता है।
इस सांप का रंग आम तौर पर लाल-भूरा, मिट्टी जैसा या भूरापन लिए हुए हो सकता है। यह जमीन के भीतर या मिट्टी में छिपकर रहने के लिए अनुकूलित होता है। दूसरे कई सांपों की तरह यह भी अपने शिकार को पकड़कर खाता है। रेड सैंड बोआ सामान्य तौर पर विषैला सांप नहीं माना जाता।
हालांकि, इस प्रजाति को लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे अंधविश्वासों और कथित चमत्कारी गुणों से जोड़कर देखते हैं। ऐसे दावों के समर्थन में विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
वन्यजीव तस्करी की आशंका की भी हो सकती है जांच
रेड सैंड बोआ का नाम समय-समय पर कथित अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। इसकी वजह से इस प्रजाति को लेकर वन्यजीव संरक्षण एजेंसियां सतर्क रहती हैं। हालांकि, रांची के इस मामले में सांप को रखने या ले जाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।
सिर्फ किसी व्यक्ति के पास सांप मिलने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह वन्यजीव तस्करी में शामिल है। इसके लिए पुलिस और संबंधित वन्यजीव अधिकारियों को परिस्थितियों, साक्ष्यों और संबंधित कानूनों के आधार पर जांच करनी होगी।
यदि जांच में वन्यजीवों को अवैध रूप से पकड़ने, रखने, खरीदने या बेचने से संबंधित गतिविधि सामने आती है, तो मामले में लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसीलिए सांप की पहचान, उसे रखने की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
फरार दोनों लोगों की तलाश में जुटी पुलिस
इस घटना में टीलू को पकड़े जाने के बाद उसके साथ मौजूद दो लोगों का फरार होना जांच का अहम पहलू है। पुलिस उनकी पहचान और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। उनसे पूछताछ होने पर यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सांप कहां से आया था और उसे रांची में रखने या ले जाने का क्या उद्देश्य था।
पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। हालांकि, फरार व्यक्तियों की पहचान, सांप की बरामदगी से जुड़ी विस्तृत परिस्थितियों और आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
वन्यजीवों की सुरक्षा क्यों है जरूरी?
रेड सैंड बोआ जैसे वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं। किसी भी जंगली जीव को पकड़ना, उसे अनावश्यक रूप से परेशान करना या अवैध कारोबार के लिए इस्तेमाल करना उसके अस्तित्व और प्राकृतिक संतुलन के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को दुर्लभ या जंगली सांप दिखाई देता है, तो उसे खुद पकड़ने या उसके साथ प्रयोग करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में वन विभाग, प्रशिक्षित वन्यजीव बचाव दल या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में रेड सैंड बोआ मिलने का यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। एक युवक को पकड़ा गया है, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सांप के स्रोत, उसे रखने के उद्देश्य और इस मामले में संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
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