
Ranchi रांची: रांची में जल स्रोतों की सफाई और पुनर्जीवन के लिए तकनीकी आधारित पहल को अब तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने शहर की प्रमुख नदियों और तालाबों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए आधुनिक ड्रोन मैपिंग तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत स्वर्णरेखा और हरमू नदियों समेत सभी प्रमुख जल स्रोतों का सर्वे किया जाएगा, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति, प्रदूषण के कारण और निर्बाध प्रवाह में बाधाओं की पहचान की जा सके।
ड्रोन सर्वेक्षण से प्रदूषण के स्रोतों, अवैध अतिक्रमणों, नाली अवरोधों और आसपास के भू-आकृतिक स्वरूप की सटीक जानकारी जुटाई जाएगी। रांची नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक पारंपरिक सर्वेक्षण की तुलना में तेज, अधिक सटीक और प्रभावी है। इससे भविष्य की योजना के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार होगा और जल स्रोतों की बहाली की रणनीति मजबूत होगी।
इस परियोजना को सफल बनाने के लिए देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों के विशेषज्ञ रांची आए और जल स्रोतों का निरीक्षण कर तकनीकी सलाह दी। ड्रोन मैपिंग से माइक्रो-लेवल की योजना तैयार करना संभव होगा, जिससे हर छोटे-बड़े बदलाव को ध्यान में रखते हुए ठोस रणनीति बनाई जा सके। राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और इस योजना को और व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही, शहर की सीवरेज प्रणाली को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में कई क्षेत्रों का अपशिष्ट जल सीधे नदियों और नालों में जा रहा है, जिससे प्रदूषण में वृद्धि हो रही है। इसे रोकने के लिए पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को फिर से सक्रिय करने और आवश्यकतानुसार नए प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही नालियों के मार्ग बदलने और अपशिष्ट जल के उपचार पर भी काम किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि इस तकनीकी पहल से न केवल जल स्रोतों की स्थिति का सही आंकलन होगा, बल्कि जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और नदी तंत्र को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलेगी। स्थानीय निवासियों और उद्योगपतियों को भी परियोजना में सहयोग देने का आह्वान किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं सिर्फ सतही सुधार नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक परिणाम देती हैं। ड्रोन मैपिंग के माध्यम से प्रदूषण के हर स्रोत और अवरोध को पहचानकर सही समाधान निकाला जा सकेगा। इससे रांची के जल स्रोतों का निरंतर और सुरक्षित प्रवाह सुनिश्चित होगा।
इस पहल से स्वर्णरेखा और हरमू जैसी नदियों की सफाई और पुनर्जीवन में नई दिशा मिलेगी और शहर के जल पर्यावरण में सुधार संभव होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि रांची के जल स्रोतों को प्रदूषणमुक्त और टिकाऊ बनाया जाए।





