झारखंड

Ranchi: आंधी-तूफान से उत्तर भारत में हाहाकार, फसलें चौपट, मौतों का आंकड़ा 50 पार

Tara Tandi
11 April 2025 11:53 AM IST
Ranchi: आंधी-तूफान से उत्तर भारत में हाहाकार, फसलें चौपट, मौतों का आंकड़ा 50 पार
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Ranchi रांची : उत्तर भारत के कई राज्यों में गुरुवार को मौसम कहर बनकर टूटा है. एक तरफ बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया.
वहीं दूसरी तरफ तीनों राज्यों में अब तक कुल 52 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें बिहार के 25, उत्तर प्रदेश के 22 और झारखंड के पांच लोग शामिल हैं. इस आपदा में सिर्फ इंसानों की ही नहीं, बल्कि दर्जनों पशुओं की मौत, घरों को नुकसान और खेती को व्यापक क्षति हुई है.
बिहार में वज्रपात और ओलावृष्टि की चपेट में आकर अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले नालंदा जिले में 18 लोगों की जान गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है.
भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह तबाह हो गयी हैं और जलजमाव भी हो गया है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए खराब मौसम की चेतावनी दी है. आईएमडी ने दरभंगा, पटना, गया, सुपौल, नालंदा समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
यूपी में बेमौसम बारिश, ओले और बिजली गिरने से 22 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा 45 पशुओं की मौत और 15 मकानों को नुकसान पहुंचा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर दुख जताया है और तत्काल राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिये हैं.
योगी सरकार ने पशुहानि पर भी मुआवजा देने की घोषणा की है. बड़े दुधारू पशु के लिए 37,500, छोटे दुधारू पशु के लिए 4,000, बड़े गैर-दुधारू के लिए 32,000 और छोटे गैर-दुधारू पशु के लिए 20,000 दिये जायेंगे. मौसम विभाग ने लखनऊ, वाराणसी, रायबरेली, गाजीपुर, आज़मगढ़ सहित कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है.
झारखंड में मौसम ने कहर बरपाया है. वज्रपात की चपेट में आकर हजारीबाग में तीन और चुरचू व गुमला में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. आईएडी के अनुसार, डाल्टनगंज में सबसे ज्यादा 31.8 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.
वहीं धनबाद, हजारीबाग और कोडरमा सहित कई जिलों में ओलावृष्टि से खेत और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गयी. इसकी वजह से खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गयीं. जबकि तेजज हवाओं के चलते कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गये.
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