झारखंड

रांची जगन्नाथपुर रथ मेला: 7 वॉच टावर, ड्रोन निगरानी और 1000 पुलिसकर्मियों के बीच कड़ी सुरक्षा

nidhi
16 July 2026 7:57 AM IST
रांची जगन्नाथपुर रथ मेला: 7 वॉच टावर, ड्रोन निगरानी और 1000 पुलिसकर्मियों के बीच कड़ी सुरक्षा
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जगन्नाथपुर रथ मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Jharkhand : राजधानी रांची में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पूरे मेला परिसर और रथ यात्रा मार्ग पर 7 वॉच टावर बनाए गए हैं, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे आयोजन की हवाई निगरानी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर सात वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। इन टावरों से पुलिस अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
वॉच टावरों के माध्यम से—
भीड़ की आवाजाही पर निगरानी।
किसी भी आपात स्थिति की तत्काल पहचान।
सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय।
भीड़ प्रबंधन में तेजी।
इन व्यवस्थाओं से किसी भी संभावित अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
ड्रोन कैमरों से होगी हवाई निगरानी
पहली बार नहीं, बल्कि अब आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जाएगी। ड्रोन के माध्यम से भीड़ के घनत्व, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारी ड्रोन से मिलने वाले लाइव वीडियो फीड की मदद से पूरे आयोजन की निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्देश जारी करेंगे।
1000 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
रथ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें—
जिला पुलिस बल।
ट्रैफिक पुलिस।
महिला पुलिसकर्मी।
त्वरित कार्रवाई दल (QRT)।
सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी।
सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों, मेला परिसर और रथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती रहेगी।
भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
रथ मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की है।
मुख्य व्यवस्थाएं—
बैरिकेडिंग की व्यवस्था।
प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी।
सार्वजनिक घोषणा प्रणाली।
खोया-पाया केंद्र।
सहायता एवं सूचना केंद्र।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
रथ यात्रा और मेले के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। भीड़ को देखते हुए कुछ मार्गों पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला परिसर में स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी पूरी तरह सतर्क रहेंगी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि—
सुरक्षा जांच में सहयोग करें।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
रांची का जगन्नाथपुर रथ मेला झारखंड के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होकर भगवान के दर्शन करते हैं और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।
यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है।

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