झारखंड

CM हेमंत सोरेन के पैतृक गांव पहुंचीं पूर्णिमा नीरज सिंह, मां रूपी सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Kavita2
10 Oct 2026 6:00 PM IST
CM हेमंत सोरेन के पैतृक गांव पहुंचीं पूर्णिमा नीरज सिंह, मां रूपी सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा पहुंचीं। यहां उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधायक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। पूर्णिमा नीरज सिंह ने परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल बनाए रखने का ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचकर पूर्णिमा नीरज सिंह ने परिवार के दुख में अपनी सहभागिता व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य का निधन अत्यंत दुखद होता है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय का सामना करने के लिए धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।

पूर्णिमा नीरज सिंह का यह दौरा पूरी तरह शोक संवेदना और श्रद्धांजलि से जुड़ा रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री के परिवार से मिलकर व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

नेमरा पहुंचकर दिवंगत रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि

झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचीं। यहां उन्होंने स्वर्गीय रूपी सोरेन के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उनका मुख्य उद्देश्य शोकाकुल परिवार से मिलकर दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े होने का संदेश देना था।

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने इस दुखद समय में परिवार को धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पूर्णिमा नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री की माता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

किसी भी व्यक्ति के जीवन में माता का स्थान विशेष होता है। ऐसे में मां का निधन परिवार के लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत कठिन समय होता है।

पूर्णिमा नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए इस दुख की घड़ी में परिवार को संबल देने का प्रयास किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी श्रद्धांजलि और संवेदना व्यक्तिगत रूप से व्यक्त की।

हालांकि, इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री और पूर्व विधायक के बीच हुई विस्तृत बातचीत की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कल्पना सोरेन से भी मिलीं पूर्व विधायक

नेमरा पहुंचीं पूर्णिमा नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन से भी मुलाकात की।

उन्होंने कल्पना सोरेन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।

इसके अलावा पूर्व विधायक ने परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की और उनके दुख में सहभागी बनीं।

इस दौरान उन्होंने परिवार के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सहानुभूति व्यक्त की।

परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य का निधन केवल व्यक्तिगत क्षति नहीं होता, बल्कि उससे पूरे परिवार की भावनाएं जुड़ी होती हैं।

ऐसे समय में परिचितों और शुभचिंतकों की उपस्थिति परिवार को मानसिक संबल प्रदान कर सकती है।

शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस

पूर्णिमा नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया।

उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार को धैर्य और साहस बनाए रखने की आवश्यकता है।

पूर्व विधायक ने परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करते हुए दिवंगत रूपी सोरेन की आत्मा की शांति की कामना की।

उन्होंने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनके दुख में अपनी भागीदारी जताई।

इस प्रकार की मुलाकातें सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में संवेदना व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं।

हालांकि, पूर्व विधायक की ओर से जारी किसी विस्तृत लिखित शोक संदेश की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में श्रद्धांजलि

नेमरा गांव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। मुख्यमंत्री का यह पैतृक गांव झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित है।

इसी गांव में पहुंचकर पूर्णिमा नीरज सिंह ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।

शोक के अवसर पर पैतृक गांव पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं का हिस्सा माना जाता है।

पूर्णिमा नीरज सिंह ने भी इसी भावना के साथ मुख्यमंत्री के परिवार से मुलाकात की।

उनकी इस यात्रा का केंद्र दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति सम्मान और शोकाकुल परिवार को सांत्वना देना रहा।

झरिया की पूर्व विधायक हैं पूर्णिमा नीरज सिंह

पूर्णिमा नीरज सिंह झारखंड की राजनीति में झरिया की पूर्व विधायक के रूप में पहचानी जाती हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के निधन पर व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए नेमरा का दौरा किया।

उनकी यह मुलाकात किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय पारिवारिक शोक के अवसर पर हुई।

उन्होंने मुख्यमंत्री, कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

हालांकि, इस मुलाकात के दौरान किसी राजनीतिक विषय पर चर्चा होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए इसे शोक संवेदना से जुड़ी मुलाकात के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

दिवंगत रूपी सोरेन को किया नमन

पूर्णिमा नीरज सिंह ने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पूर्वजों तथा परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति सम्मान की भावना प्रकट की।

उनकी इस यात्रा में श्रद्धांजलि, संवेदना और सांत्वना प्रमुख रहे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के लिए यह समय व्यक्तिगत शोक का है। ऐसे में पूर्व विधायक ने परिवार से मिलकर अपनी सहानुभूति जताई।

दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी दिखीं पूर्व विधायक

झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने दिवंगत के चित्र पर पुष्प चढ़ाए और उनकी आत्मा की शांति की कामना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

पूर्णिमा नीरज सिंह ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया। उनका नेमरा दौरा दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति श्रद्धा और मुख्यमंत्री के परिवार के दुख में सहभागी बनने की भावना से जुड़ा रहा।

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