झारखंड

यौन उत्पीड़न मामले पर रांची में प्रदर्शन, बढ़ी पुलिस तैनाती

Ashish verma
10 Oct 2026 4:00 PM IST
यौन उत्पीड़न मामले पर रांची में प्रदर्शन, बढ़ी पुलिस तैनाती
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रांची : रांची में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचीं कार्यकर्ताओं ने महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा। प्रदर्शन को देखते हुए कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। यह विरोध दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों तथा विश्वविद्यालय की कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया। भाजपा महिला मोर्चा ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा महिला मोर्चा, रांची महानगर जिला की ओर से आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया। कार्यकर्ताओं का विरोध महिलाओं के सम्मान और यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया को लेकर था। महिला मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया और पार्टी के शीर्ष नेताओं से मामले पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है। यह सवाल भाजपा की ओर से उठाया गया राजनीतिक आरोप है।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और घेराव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की। मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे। उपलब्ध विवरण में पुलिस बल की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कार्यकर्ताओं की कुल संख्या, किसी गिरफ्तारी या प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग की पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए घटना को लेकर ऐसे किसी दावे को पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं बताया जा सकता। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र कांग्रेस कार्यालय और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगना रहा।
इस विरोध की पृष्ठभूमि में जेएनयू की ओर से प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम की सेवाएं समाप्त करने का फैसला है। वह मणिपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद भी हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच की थी। समिति की रिपोर्ट और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश पर विचार करने के बाद विश्वविद्यालय ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। विश्वविद्यालय की इस कार्रवाई के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरते हुए विरोध कार्यक्रम घोषित किए।
मामले में 11 छात्राओं की शिकायतों का उल्लेख सामने आया है। इन शिकायतों को विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति के समक्ष रखा गया था। जांच के बाद समिति ने कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया। यहां शिकायतों, आंतरिक जांच और विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई को अलग-अलग चरणों के रूप में समझना जरूरी है। उपलब्ध खबरों में सेवा से बर्खास्तगी की जानकारी है; इसे किसी अदालत के आपराधिक दोषसिद्धि संबंधी फैसले के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
भाजपा ने इस मामले पर विरोध को केवल रांची तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी ने शनिवार को राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। महिला मोर्चा और पार्टी की महिला नेताओं को इस अभियान में प्रमुख भूमिका दी गई। इसके बाद सोमवार को जिला मुख्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का कार्यक्रम बताया गया है। रांची में कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुआ प्रदर्शन इसी व्यापक विरोध अभियान की कड़ी है, जिसके जरिए भाजपा कांग्रेस से महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही पर उत्तर मांग रही है।
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व तथा राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तीकरण और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ बोलने वाला कांग्रेस नेतृत्व अपनी पार्टी के सांसद से जुड़े मामले पर जवाबदेही नहीं दिखा रहा। ईरानी ने राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर भी आलोचना की। उनके ये बयान भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। रांची के प्रदर्शन में भी महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगने पर जोर रहा।
रांची की घटना के उपलब्ध विवरण में कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी तरह, मौके पर मौजूद महिला मोर्चा की सभी पदाधिकारियों के नाम और पुलिस की तैनाती की संख्या की पुष्टि भी नहीं हुई है। फिलहाल पुष्ट जानकारी यह है कि भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता यौन उत्पीड़न मामले के विरोध में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचीं और वहां पुलिस बल तैनात रहा। विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद शुरू हुए इस विरोध में महिला सुरक्षा, शिकायतों पर कार्रवाई और कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।
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