
Jharkhand झारखण्ड : कांके प्रखंड के नगड़ी मौजा में गुरुवार को प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों के विरोध के कारण कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और बाद में निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया।
जानकारी के अनुसार, भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीनों से चारदीवारी निर्माण के लिए नींव खुदाई का काम शुरू किया गया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के इस तरह का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता।
विरोध के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और करीब दो घंटे तक काम पूरी तरह से बाधित रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पहले स्थानीय स्तर पर चर्चा और सहमति बनाई जाए, उसके बाद ही किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर विचार किया जाएगा और प्रक्रिया के अनुसार आगे कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और ग्रामीण शांत हो गए।
शांति बहाल होने के बाद प्रशासन ने चारदीवारी निर्माण के लिए नींव खुदाई का कार्य पुनः शुरू कराया। हालांकि मौके पर सुरक्षा बलों की तैनाती बनी रही ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिम्स-2 जैसी बड़ी परियोजना से क्षेत्र के विकास की संभावना है, लेकिन इसके लिए पारदर्शी प्रक्रिया और स्थानीय समुदाय की भागीदारी जरूरी है। उनका आरोप है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण शुरू करना नियमों के खिलाफ है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि परियोजना राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है और इसे नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की चिंताओं को सुना जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद जारी है ताकि किसी भी तरह का विवाद आगे न बढ़े।





