
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कचहरी रोड स्थित एक होटल में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। शनिवार देर रात पुलिस ने होटल में छापेमारी कर तीन युवतियों और नौ युवकों समेत कुल 12 लोगों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान ये लोग संदिग्ध और आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। पकड़ी गई तीनों युवतियां पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताई जा रही हैं। मामले की शुरुआती जांच में होटल मालिक और मैनेजर की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पुलिस को कचहरी रोड स्थित होटल में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले का सत्यापन किया और फिर देर रात होटल में छापेमारी की। अचानक हुई कार्रवाई से होटल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने होटल के अलग-अलग कमरों की जांच की और वहां मिले लोगों को हिरासत में लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों और नौ युवकों को पकड़ा। पुलिस ने होटल से मिले संदिग्ध सामान और दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। होटल में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यहां कथित देह व्यापार कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ी गई तीनों युवतियां पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। आरोप है कि होटल मालिक और मैनेजर युवतियों को बाहर से रांची लाते थे और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। हालांकि इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करेगी।
युवतियों से पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें रांची किसके माध्यम से लाया गया था। क्या उन्हें नौकरी या किसी दूसरे काम का झांसा देकर बुलाया गया या किसी अन्य माध्यम से होटल तक पहुंचाया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। यदि जबरन देह व्यापार कराने की बात जांच में पुष्ट होती है तो मामला मानव तस्करी से जुड़े पहलुओं तक भी पहुंच सकता है।
पुलिस का विशेष ध्यान होटल मालिक और मैनेजर की कथित भूमिका पर है। आरोप है कि दोनों बाहर से युवतियों को लाने और ग्राहकों तक पहुंचाने की व्यवस्था करते थे। इसके बदले होने वाले आर्थिक लेन-देन और कथित कारोबार से होने वाली कमाई के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान होटल के रजिस्टर, कमरों की बुकिंग से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल में ठहरने वाले लोगों की जानकारी नियमानुसार दर्ज की जाती थी या नहीं। इसके साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने पर उसकी भी जांच की जा सकती है।
पुलिस इस मामले में पकड़े गए नौ युवकों की भूमिका की भी अलग-अलग जांच कर रही है। वे होटल में किस उद्देश्य से पहुंचे थे, उनका संपर्क किस व्यक्ति से हुआ और कमरे किसके माध्यम से उपलब्ध कराए गए, इन सवालों के जवाब जुटाए जा रहे हैं। पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर कथित नेटवर्क की पूरी व्यवस्था का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस कार्रवाई में पकड़ी गई युवतियों की स्थिति को भी संवेदनशील तरीके से देखा जा रहा है। शुरुआती जानकारी में उनसे जबरन देह व्यापार कराए जाने का आरोप सामने आने के कारण पुलिस को यह निर्धारित करना होगा कि वे अपराध में आरोपी हैं या कथित शोषण की पीड़िताएं। विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद ही उनकी कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले में पश्चिम बंगाल का कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवतियों को रांची तक पहुंचाने में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। यदि किसी एजेंट या बिचौलिए की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक बढ़ सकता है।
होटल शहर के कचहरी रोड इलाके में स्थित होने के कारण यह भी जांच का विषय है कि वहां लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं या हाल में यह कथित कारोबार शुरू हुआ था। होटल में पहले आने वाले लोगों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि होटल के अन्य कर्मचारी इस गतिविधि के बारे में जानते थे या नहीं।
देह व्यापार के मामलों में जब किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध इस काम में धकेले जाने का आरोप सामने आता है तो मामला केवल अनैतिक व्यापार तक सीमित नहीं रहता। इसमें मानव तस्करी, जबरन शोषण और अन्य संबंधित अपराधों के पहलुओं की भी जांच की जाती है। रांची के इस मामले में भी पुलिस शुरुआती पूछताछ में मिले तथ्यों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि होटल में ग्राहकों को बुलाने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया जाता था। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मैसेजिंग या बिचौलियों के जरिए संपर्क होने की स्थिति में संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पकड़े गए लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने होटल में छापेमारी के बाद कुल 12 लोगों को पकड़ा है। मामले में होटल मालिक और मैनेजर पर बाहर से युवतियों को लाकर जबरन देह व्यापार कराने के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी।
रांची पुलिस अब इस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने में जुटी है। पश्चिम बंगाल से युवतियों को रांची लाने से लेकर होटल में उनके ठहरने और ग्राहकों से संपर्क तक की व्यवस्था किस तरह संचालित होती थी, इसकी जांच की जा रही है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।





