झारखंड

साइबर ठगी पर लगाम लगाने की तैयारी 13 छात्र बने पुलिस के सहयोगी

nidhi
29 Aug 2026 7:37 AM IST
साइबर ठगी पर लगाम लगाने की तैयारी 13 छात्र बने पुलिस के सहयोगी
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साइबर सुरक्षा अभियान

धनबाद : बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। अब तकनीकी विशेषज्ञता रखने वाले IIT(ISM) धनबाद के 13 छात्र पुलिस के साथ मिलकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताएंगे। इन छात्रों को ‘साइबर साथी’ के रूप में अभियान से जोड़ा गया है।

धनबाद पुलिस, दूरसंचार विभाग और IIT(ISM) के संयुक्त प्रयास से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के नए तरीकों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता भी सबसे बड़ा हथियार है।
गांव-गांव पहुंचेंगे साइबर साथी
अभियान के तहत IIT(ISM) के छात्र ग्रामीण और शहरी इलाकों में जाकर लोगों को साइबर सुरक्षा के उपायों की जानकारी देंगे। वे स्कूलों, कॉलेजों, युवा समूहों और आम नागरिकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साइबर साथी लोगों को बताएंगे कि फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP मांगने वाले मैसेज और ऑनलाइन भुगतान के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट फ्रॉड और सोशल मीडिया ठगी जैसे मामलों से बचने के तरीके भी समझाए जाएंगे।
तकनीकी छात्रों की मदद से मजबूत होगी लड़ाई
धनबाद पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं की मदद से आम लोगों तक सही जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सकती है। IIT(ISM) के छात्र अपनी तकनीकी समझ के जरिए लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान को व्यापक बनाने के लिए दूरसंचार विभाग और IIT(ISM) का सहयोग लिया जा रहा है। छात्रों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें जागरूकता अभियान के लिए तैयार किया गया है।
फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से बचाव पर जोर
आज के समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों से निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं और खाते से पैसे उड़ा देते हैं। साइबर साथी लोगों को सलाह देंगे कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM पिन, बैंक जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
स्कूलों और संस्थानों में भी चलेंगे कार्यक्रम
पुलिस ने इस अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को भी शामिल करने की योजना बनाई है। स्कूल और कॉलेजों में साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि नई पीढ़ी शुरुआत से ही डिजिटल सुरक्षा के नियमों को समझ सके। धनबाद पुलिस का लक्ष्य है कि जिले के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई जाए और उन्हें ऑनलाइन अपराधों से बचने के लिए तैयार किया जाए।
जागरूकता से ही रुकेगी साइबर ठगी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में जनता की भागीदारी जरूरी है। अगर लोग सतर्क रहेंगे और डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतेंगे तो साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है। IIT(ISM) के छात्रों को साइबर साथी बनाने की पहल को तकनीक और पुलिस के बेहतर तालमेल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस अभियान को और विस्तार देने की तैयारी है।

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