
Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो गांव में अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। शनिवार दोपहर एक ही परिवार में बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की गर्भवती पत्नी और 8 वर्षीय भतीजी की कुल्हाड़ी से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और गांव में मातम छा गया।
खाना खाते समय बच्ची पर पहला वार
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के समय 8 वर्षीय बच्ची शर्मिला घर के पास बैठकर खाना खा रही थी। तभी आरोपी रमाये बिरूवा ने अचानक उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां ननिका बिरूवा उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन आरोपी ने उस पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिया। गंभीर चोटों के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घर में मचा कोहराम, बच्चे बाल-बाल बचे
घटना के समय घर में मौजूद अन्य छोटे बच्चों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। मृतक महिला का पति उस समय जंगल में पशुओं को चराने गया था। जब वह वापस लौटा तो घर में पत्नी और बेटी के शव देखकर वह सदमे में आ गया।
अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद बनी वजह
ग्रामीणों के अनुसार आरोपी रमाये बिरूवा की शादी को पांच साल हो चुके थे लेकिन उसे संतान नहीं थी। इसी कारण वह मानसिक तनाव और अंधविश्वास का शिकार हो गया था। वह अक्सर नशे में रहता था और परिवार में विवाद करता था। बताया जा रहा है कि डायन-बिसाही के शक और पारिवारिक रंजिश ने इस वारदात को जन्म दिया।
घटना के बाद आरोपी फरार, फिर पुलिस ने दबोचा
वारदात के बाद आरोपी जंगल की ओर भाग गया था। लेकिन रविवार तड़के करीब 3 बजे वह वापस अपने घर लौटा, जहां पहले से घात लगाए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस जांच और आधिकारिक बयान
मंझारी थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद से जुड़ा पाया गया है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है।
इलाके में तनाव और शोक का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में भय और शोक का माहौल है। मृतक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और ग्रामीण इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। लोग अंधविश्वास के कारण हुई इस वारदात की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
समाज में अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।





