झारखंड

Potka : सेरेब्रल मलेरिया का कहर, एक हफ्ते में 150 मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

Kavita2
2 July 2026 1:51 PM IST
Potka : सेरेब्रल मलेरिया का कहर, एक हफ्ते में 150 मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
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Jharkhand झारखंड : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका ब्लॉक में सेरेब्रल मलेरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह में यहां कुल मामलों की संख्या 150 तक पहुंच गई है, जबकि बुधवार को ही नौ नए मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने के लिए विशेष और विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पोटका ब्लॉक में 24 जून से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अब तक करीब 3,000 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग सेरेब्रल मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को मिले नौ नए मामलों के बाद कुल संक्रमितों की संख्या लगभग 150 तक पहुंच गई है।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पोटका ब्लॉक में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच अभियान को और तेज किया गया है ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। उनके अनुसार, संक्रमित पाए गए सभी मरीजों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में किया जा रहा है और गंभीर मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य टीमों को गांव-गांव भेजा जा रहा है ताकि लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बारिश के मौसम और जलभराव की स्थिति के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे यह बीमारी तेजी से फैल रही है। इसी को देखते हुए फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियों को भी तेज कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक कार्य योजना बनाएं। इसमें मच्छर नियंत्रण अभियान, स्वास्थ्य जांच शिविर, दवा वितरण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

पोटका ब्लॉक के कई गांवों में लोग बुखार, सिर दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं से प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है और संदिग्ध मामलों के सैंपल लिए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त मेडिकल टीमों की तैनाती भी की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, सेरेब्रल मलेरिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की हालत बिगड़ सकती है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

फिलहाल पोटका ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और जांच के बाद मरीजों की संख्या में बदलाव हो सकता है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही स्थिति को काबू में लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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