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हजारीबाग: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी से जुड़े कथित नौकरी संबंधी लेनदेन का पहलू भी सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सीआईडी ने इस संबंध में कुशाग्र से पूछताछ की है। हालांकि कथित लेनदेन और अनुष्का की मौत के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अनुष्का की मौत के बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में आरोपी पति ने 29 अक्टूबर को हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। उस समय सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपेश कुमार सिंह ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया था कि पूछताछ के लिए अदालत में रिमांड का आवेदन दिया जाएगा। इसके बाद सामने आई रिपोर्टों में आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत की अनुमति के बाद कुशाग्र को 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम और संबंधित पक्षों की जानकारी जुटाने में लगी है। रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ जांच का एक चरण है। इससे मिलने वाली जानकारी का अन्य साक्ष्यों से मिलान होना बाकी है। फिलहाल पूछताछ के आधार पर किसी आरोप को सिद्ध मानने की स्थिति नहीं है। आरोपी की भूमिका और मौत की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
मामले में नया चर्चा का विषय जेपीएससी के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर कथित आर्थिक सौदा है। एक स्थानीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अनुष्का को नौकरी दिलाने के लिए 38 लाख रुपये की कथित डील की बात जांच के दौरान सामने आई है। इसी रिपोर्ट के अनुसार सीआईडी ने कुशाग्र से इस पहलू पर जानकारी ली है। भुगतान और कथित सौदे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे अभी जांच से जुड़ा दावा ही माना जा रहा है। किसी नियुक्ति में वास्तविक हस्तक्षेप हुआ था या नहीं यह भी स्पष्ट नहीं है।
यह मामला 22 अक्टूबर को अनुष्का का शव हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स स्थित आवास में मिलने के बाद सामने आया था। उनकी मौत की परिस्थितियों पर परिजनों ने सवाल उठाए थे। परिवार की शिकायत के बाद पति और ससुराल पक्ष की कथित भूमिका को लेकर जांच शुरू हुई। अनुष्का के पिता ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या के आरोप लगाए हैं। ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों और परिवार की शिकायत में उठाए गए बिंदुओं को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
दूसरी तरफ आरोपी पति का पक्ष भी सामने आया था। आत्मसमर्पण से पहले जारी एक वीडियो में उसने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए थे। इस प्रकार मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं। इन दावों की सत्यता का निर्धारण केवल आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर नहीं हो सकता। संबंधित बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल जरूरी होगी। फिलहाल आरोपी की ओर से कही गई बातों को भी उसका पक्ष माना जाना चाहिए। किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से जांच की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
अनुष्का की मौत से जुड़ा मामला झारखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंचा है। उनके भाई की ओर से आपराधिक रिट याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सुनवाई के दौरान मामले का अनुसंधान डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने की बात अदालत के समक्ष रखी गई। अगली सुनवाई दो नवंबर को निर्धारित होने और उस दिन जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इससे अदालत के सामने अब तक की कार्रवाई और जांच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस पूरे प्रकरण में मौत की परिस्थितियां और कथित नौकरी संबंधी लेनदेन दो अहम विषय बनकर सामने आए हैं। इनके बीच संबंध स्थापित हुआ है या नहीं इसका उत्तर अभी उपलब्ध नहीं है। सीआईडी की पूछताछ को लेकर आई खबरें जांच में एक अतिरिक्त पहलू की पड़ताल का संकेत देती हैं। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अनुष्का की मौत का कारण कथित आर्थिक सौदा ही था। अब पुलिस की जांच रिपोर्ट और अदालत में प्रस्तुत होने वाली जानकारी पर नजर रहेगी। परिजनों की शिकायत तथा आरोपी के पक्ष का साक्ष्यों के आधार पर परीक्षण ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगा।
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