झारखंड

सारंडा नक्सल नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

Kavita2
20 Sept 2026 4:37 PM IST
सारंडा नक्सल नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
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रांची । झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहे माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। करोड़ों रुपये के इनामी माओवादी असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब उसके दस्ते से जुड़े दो अन्य सदस्यों को भी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार किए गए माओवादियों में पांच लाख रुपये के इनामी सब जोनल कमांडर मंगल सिंह सरदार उर्फ मंगल महतो उर्फ समीर उर्फ पांडेय और उसकी पत्नी माल्ती शामिल हैं। माल्ती पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था।

दोनों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले के सालबनी क्षेत्र से की गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों और गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, झारखंड के सारंडा इलाके में लंबे समय तक सक्रिय रहे माओवादी नेता असीम मंडल की बंगाल में गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी थी।

असीम मंडल पर करीब 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को संगठन के कई सदस्यों और गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसी क्रम में सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए मंगल सिंह सरदार और उसकी पत्नी माल्ती को गिरफ्तार किया।

मंगल सिंह सरदार पर दर्ज थे कई मामले

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माओवादी मंगल सिंह सरदार मूल रूप से पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले के बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के बिदरी गांव का रहने वाला है।

उसके खिलाफ झारखंड के अलग-अलग थानों में कुल 11 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह माओवादी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।

उसे सब जोनल कमांडर के पद पर सक्रिय बताया गया है।

पत्नी माल्ती भी संगठन से जुड़ी थी

पुलिस के मुताबिक, मंगल सिंह सरदार की पत्नी माल्ती भी माओवादी गतिविधियों में शामिल रही है। उस पर भी इनाम घोषित था।

जांच एजेंसियां अब दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वे संगठन में किस तरह की भूमिका निभा रहे थे और किन-किन क्षेत्रों में उनकी सक्रियता थी।

सारंडा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर नजर

झारखंड का सारंडा जंगल क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रहा है।

इस इलाके में माओवादी संगठन के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। सुरक्षा बलों का उद्देश्य संगठन के शीर्ष नेताओं और सक्रिय सदस्यों को पकड़कर नेटवर्क को कमजोर करना है।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार दोनों माओवादियों से पूछताछ के दौरान संगठन की गतिविधियों, संपर्क सूत्रों और अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इनका संबंध किसी अन्य बड़े माओवादी नेटवर्क से है।

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता

असीम मंडल जैसे बड़े माओवादी नेता की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्क में रहे लोगों पर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है और संगठन से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है। सारंडा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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