झारखंड

रांची में धनतेरस पर लोगों की चांदी और सोने की खरीदारी में भीड़

SHIDDHANT
18 Oct 2025 8:36 PM IST
रांची में धनतेरस पर लोगों की चांदी और सोने की खरीदारी में भीड़
x
Jharkhand झारखंड: धनतेरस के पावन अवसर पर रांची के बाजार और ज्वेलरी शॉप्स में खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोग सोने और चांदी के आभूषणों और बर्तनों की खरीदारी के लिए सुबह से ही दुकानों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। धनतेरस को शुभ अवसर माना जाता है, खासकर सोने और चांदी के बर्तनों और आभूषणों की खरीदारी के लिए। व्यापारी बताते हैं कि इस समय पर ग्राहकों की मांग बहुत बढ़ जाती है। रांची के प्रमुख बाजारों जैसे सिविल लाइंस, आनंद मोड़ और चौक बाजार में दुकानों पर सोने-चांदी के डिजाइन और बर्तनों की भरमार देखी गई। दुकानदारों का कहना है कि इस बार सोने और चांदी की खरीदारी में सामान्य से अधिक उत्साह है। उन्होंने बताया कि त्योहार की तैयारियों और सजावट के चलते बिक्री में अच्छी तेजी आई है। ग्राहकों में विविध डिज़ाइन और आधुनिक आभूषणों की मांग ज्यादा है।
स्थानीय निवासी और परिवार भी इस अवसर का लाभ उठाने आए। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर सोने और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसके पीछे मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना और चांदी संपत्ति और समृद्धि लाता है। व्यापारी और दुकानदार सुरक्षा और ग्राहकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। कोविड-19 और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए दुकानों में प्रवेश नियंत्रित किया जा रहा है। दुकानदारों ने यह भी बताया कि बिक्री के समय कैश और डिजिटल भुगतान दोनों की सुविधा उपलब्ध है। धनतेरस की खरीदारी में केवल सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि धातु और झुमके, सिक्के, मिठाई और अन्य शुभ सामग्री की भी काफी मांग रही। दुकानों में हर उम्र के लोग खरीदारी करते नजर आए, खासकर ज्वेलरी और बर्तन की दुकानों में परिवारों ने समय बिताया।
खरीदारों का कहना है कि इस अवसर पर खरीदारी का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। उन्होंने यह भी बताया कि धनतेरस पर की गई खरीदारी उन्हें परिवार और समाज में सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक लगता है। इस प्रकार, रांची के बाजारों में धनतेरस पर खरीदारी का उत्साह और रोशनी देखने लायक था। दुकानों और बाजारों में सजावट, रंग-बिरंगे लाइट और त्योहार का माहौल लोगों में खुशियों और उत्साह भर रहा था। व्यापारी भी इस अवसर से संतुष्ट हैं और उम्मीद जताई है कि दिवाली के अवसर पर खरीदारी का सिलसिला और तेज होगा। यह त्योहार न केवल धन और समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। इस तरह, धनतेरस के दिन रांची में लोगों की सोना और चांदी की खरीदारी ने बाजार को रोशन कर दिया और त्योहार की खुशियों का माहौल पूरे शहर में फैल गया।
Next Story