झारखंड

रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग, आज नेमरा में अंतिम संस्कार

nidhi
8 Oct 2026 10:29 AM IST
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग, आज नेमरा में अंतिम संस्कार
x
CM हेमंत सोरेन की मां को अंतिम विदाई

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को आज गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में किया जाएगा। बुधवार रात उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर रांची के मोरहाबादी स्थित आवास लाया गया। यहां अंतिम दर्शन के लिए राजनीतिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूरे सोरेन परिवार में शोक का माहौल है।

रूपी सोरेन का बुधवार, 7 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे रांची में निधन हो गया था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन
रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर मोरहाबादी स्थित स्वर्गीय शिबू सोरेन के आवास पर रखा गया। यहां परिवार के सदस्यों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और शुभचिंतक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे तक मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव नेमरा ले जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया।
नेमरा में अंतिम संस्कार की तैयारी
रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां की गई हैं। गांव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू की हैं। पार्थिव शरीर को नेमरा स्थित नाड़ी दरहा घाट ले जाया जाएगा, जहां पारिवारिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार होगा। अंतिम यात्रा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया है।
मां के निधन से भावुक हुए मुख्यमंत्री
मां रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गहरे दुख में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मां को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि पिता के जाने के बाद मां ही उनका सबसे बड़ा सहारा थीं। अब मां के निधन से वह सहारा भी छिन गया है। उनके इस संदेश के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं और शुभचिंतकों ने संवेदना व्यक्त की। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका
रूपी सोरेन लंबे समय तक झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन के संघर्षों की सहयोगी रहीं। जब शिबू सोरेन आदिवासी अधिकारों और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे, तब रूपी सोरेन ने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने वर्ष 1999 में दुमका लोकसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी से हुआ था। वह महज 4,648 मतों से चुनाव हार गई थीं।
नेमरा गांव से रहा गहरा जुड़ाव
रूपी सोरेन का अपने पैतृक गांव नेमरा से गहरा लगाव था। शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन के दौरान भी उनका परिवार इस गांव से जुड़ा रहा। शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को हुआ था। करीब 14 महीने बाद रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार को एक और बड़ा व्यक्तिगत आघात पहुंचा है। आज नेमरा में उनकी अंतिम विदाई के अवसर पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के शामिल होने का कार्यक्रम है।
Next Story