
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन रांची और हटिया पर आने वाले वर्षों में यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ने का अनुमान है। रेलवे के आकलन के अनुसार भविष्य में दोनों स्टेशनों पर प्रतिदिन यात्रियों की कुल संख्या 93 हजार से बढ़कर करीब 1.15 लाख तक पहुंच सकती है। यह अनुमान सालाना लगभग पांच से छह प्रतिशत यात्री वृद्धि को आधार मानकर तैयार किया गया है।
वर्तमान समय में रांची रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 55 हजार से 75 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। वहीं हटिया रेलवे स्टेशन पर हर दिन लगभग 10 हजार से 15 हजार यात्री आते-जाते हैं। दोनों स्टेशनों को मिलाकर सामान्य दिनों में भी यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। त्योहारों, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर यह संख्या अचानक बढ़ जाती है, जिससे स्टेशनों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिलता है।
यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए रेलवे को आने वाले समय में दोनों स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार करना होगा। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, पार्किंग, प्रवेश और निकास द्वार, फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर तथा अन्य सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है। बढ़ती यात्री संख्या को संभालने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।
रांची रेलवे स्टेशन राजधानी का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। यहां से देश के कई बड़े शहरों के लिए ट्रेनें संचालित होती हैं। बड़ी संख्या में यात्री रोजगार, शिक्षा, व्यापार, इलाज और पर्यटन के लिए रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। इसी तरह हटिया रेलवे स्टेशन भी कई महत्वपूर्ण रेल सेवाओं का संचालन केंद्र है और यहां से लंबी दूरी की कई ट्रेनें चलती हैं।
रेलवे का आकलन है कि अगर मौजूदा रफ्तार से यात्री संख्या में पांच से छह प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि होती रही, तो अगले कुछ वर्षों में दोनों स्टेशनों पर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर सकती है। यह वृद्धि रेलवे प्रशासन के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी करेगी।
खासकर त्योहारों के समय रांची और हटिया स्टेशन पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। दीपावली, छठ, होली, दुर्गा पूजा और अन्य बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ती है। स्टेशन परिसर में भीड़ अधिक होने के कारण सुरक्षा और यात्री प्रबंधन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
ऐसे समय में रेलवे की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था में बदलाव करना पड़ता है। कुछ मौकों पर विशेष ट्रेनें भी चलाई जाती हैं। आने वाले समय में यदि यात्रियों की संख्या अनुमान के मुताबिक बढ़ती है, तो त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे स्टेशन परिसर में पार्किंग व्यवस्था का विस्तार भी जरूरी हो सकता है। बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों, ऑटो और टैक्सी से स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन के बाहर यातायात जाम और अव्यवस्था की समस्या भी बढ़ सकती है। बेहतर यात्री प्रबंधन के लिए स्टेशन के आसपास सड़क और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करने की जरूरत होगी।
रांची और हटिया स्टेशन पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं में सुधार की संभावना है। इनमें आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर शौचालय, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, लिफ्ट, एस्केलेटर और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
बढ़ती यात्री संख्या का सीधा असर टिकटिंग सिस्टम पर भी पड़ेगा। ऑनलाइन टिकटिंग के बावजूद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पर टिकट काउंटर का उपयोग करते हैं। सामान्य और आरक्षित टिकट के लिए पर्याप्त काउंटर और स्वचालित टिकट मशीनों की जरूरत बढ़ सकती है।
रेलवे सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बढ़ती भीड़ एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा जांच, रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की तैनाती बढ़ानी पड़ सकती है। साथ ही प्लेटफॉर्म पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था करनी होगी।
रांची शहर के विस्तार और आसपास के क्षेत्रों से रेल यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि भी यात्री संख्या बढ़ने की बड़ी वजह मानी जा रही है। रोजगार और शिक्षा के लिए राजधानी आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा नई रेल सेवाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से भी रेल यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
हटिया स्टेशन का महत्व भी तेजी से बढ़ रहा है। कई ट्रेनों का परिचालन हटिया से शुरू और समाप्त होता है। भविष्य में नई ट्रेनों और रेल परियोजनाओं के विस्तार से यहां यात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में हटिया स्टेशन पर भी सुविधाओं का विस्तार जरूरी होगा।
रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि बढ़ती यात्री संख्या के बावजूद यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव मिले। स्टेशन पर भीड़, टिकटिंग, पार्किंग, सुरक्षा और प्लेटफॉर्म व्यवस्था को समय रहते मजबूत करना होगा।
फिलहाल रांची और हटिया रेलवे स्टेशनों पर प्रतिदिन करीब 65 हजार से 90 हजार तक यात्रियों की आवाजाही होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में यह संख्या 93 हजार से 1.15 लाख प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। ऐसे में रेलवे प्रशासन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करनी होगी, ताकि बढ़ते यात्री दबाव के बावजूद दोनों स्टेशनों पर व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।





