
Jharkhand: लामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक आरोपी के थाने से फरार होने की अफवाह फैल गई। यह आरोपी चितरंजन पासवान एक 8 वर्षीय बच्चे की हत्या और एक दंपती पर जानलेवा हमले के मामले में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। अफवाह फैलते ही बिंदुबिग्घा गांव और आसपास के इलाकों में सैकड़ों ग्रामीण उग्र हो गए और हैदरनगर–जपला मुख्य मार्ग को बिंदुबिग्घा मोड़ के पास पूरी तरह जाम कर दिया।
ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस प्रशासन के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही के कारण इतना गंभीर अपराधी कस्टडी से फरार हो गया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जिस आरोपी को उन्होंने खुद पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, वह कैसे गायब हो सकता है। इस अफवाह के चलते सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने मोर्चा संभालते हुए ग्रामीणों से संवाद किया और वीडियो कॉल के जरिए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि आरोपी थाने से फरार नहीं हुआ है, बल्कि उसे पूछताछ और सुरक्षा कारणों से हैदरनगर से हुसैनाबाद स्थानांतरित किया गया है।
SDPO ने ग्रामीणों को यह भी दिखाया कि आरोपी पुलिस की हिरासत में सुरक्षित है, जिसके बाद लोगों की गलतफहमी दूर हो गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इलाके में फैली फरार होने की खबर पूरी तरह अफवाह थी। स्थिति साफ होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने सर्वसम्मति से चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हैदरनगर–जपला मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि समय रहते बड़ा बवाल टल गया।
इस पूरे मामले ने इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना दिया था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवाद से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।





