
झारखंड: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। प्रमंडल के सात जिलों में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत 74 शिक्षा कर्मियों का सामूहिक तबादला और नई पदस्थापना की गई है। इस फेरबदल के बाद शिक्षा विभाग के कई दफ्तरों में कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है और ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर चर्चाओं का माहौल बन गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (आरजेडीई) कार्यालय की ओर से की गई है, जिसकी आधिकारिक सूची शुक्रवार देर शाम जारी की गई। सूची जारी होने के बाद शनिवार को जब कार्यालय खुले तो कई जगहों पर पुराने और नए कर्मचारियों के बीच बदलाव को लेकर चर्चा होती रही।
इस तबादला सूची में हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिलों के शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को शामिल किया गया है। जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों का कार्यकाल एक ही स्थान पर तय अवधि से अधिक हो गया था, उन्हें वहां से हटाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, एक कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत 23 कर्मचारियों का तबादला किया गया है। वहीं एक ही जिले में छह वर्ष से अधिक समय से जमे 41 कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा 8 से 12 वर्ष तक एक ही स्थान पर कार्यरत 10 कर्मियों को भी जिला या कार्यालय बदलना पड़ा है।
इस बड़े फेरबदल से हजारीबाग जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में भी व्यापक बदलाव देखने को मिला है। यहां लंबे समय से कार्यरत कई कर्मचारियों को हटा दिया गया है और उनकी जगह नए कर्मियों की तैनाती की गई है। हजारीबाग DEO कार्यालय में कार्यरत केशव कुमार और अंकित कुमार को जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) कार्यालय हजारीबाग भेजा गया है। वहीं लिपिक कुमार परमानंदम को रामगढ़ और परवेज आलम को चतरा में नई जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा संजीव कुमार को धनबाद स्थानांतरित किया गया है। इसी बीच प्रशासनिक बदलाव के तहत हजारीबाग में नई जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के रूप में कुमारी नीलम ने शनिवार को पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्हें उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
कुमारी नीलम अब हजारीबाग के साथ-साथ चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिलों की शिक्षा व्यवस्था की भी निगरानी करेंगी। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना और स्कूलों में बेहतर संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जिलों में शिक्षा व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और जमीनी स्तर पर सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। वहीं लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों के तबादले से विभागीय कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। कुल मिलाकर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में हुआ यह तबादला शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।





