झारखंड

रिपोर्ट लेने की टेंशन खत्म RIMS ने शुरू की डिजिटल सुविधा

nidhi
11 Sept 2026 8:54 AM IST
रिपोर्ट लेने की टेंशन खत्म RIMS ने शुरू की डिजिटल सुविधा
x
अब मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट कतार से छुटकारा
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। अब जांच रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों को लंबी कतार में खड़े रहने और बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने की परेशानी से छुटकारा मिलने वाला है। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत मरीज अपनी जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर देख सकेंगे। इससे अस्पताल में भीड़ कम करने के साथ मरीजों का समय भी बचेगा।
रिम्स में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के अलावा आसपास के राज्यों से आने वाले मरीज भी शामिल होते हैं। डॉक्टर की सलाह के बाद खून, पेशाब और अन्य पैथोलॉजी जांच कराने वाले मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। कई बार रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद जांच पूरी होते ही रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेगी। मरीज अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए रिपोर्ट देख सकेंगे। इससे रिपोर्ट काउंटर पर लगने वाली कतारों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डॉक्टरों को भी मिलेगी सुविधा
डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था का फायदा केवल मरीजों को ही नहीं बल्कि डॉक्टरों को भी मिलेगा। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध होने से डॉक्टर जरूरत के अनुसार मरीज की रिपोर्ट तेजी से देख सकेंगे। इससे इलाज से जुड़े फैसले लेने और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। गंभीर मरीजों के मामले में जांच रिपोर्ट जल्दी उपलब्ध होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। यदि जांच के नतीजे डिजिटल सिस्टम पर समय से अपडेट होते हैं तो डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर आगे की दवाएं या दूसरी जांच निर्धारित कर सकेंगे।
दूर-दराज के मरीजों को बड़ी राहत
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को हो सकता है जो रांची से दूर रहते हैं। अभी तक कई लोगों को सिर्फ जांच रिपोर्ट लेने के लिए लंबी दूरी तय करके अस्पताल आना पड़ता है। मोबाइल पर रिपोर्ट मिलने से ऐसे मरीज अपने घर से ही रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उसे डॉक्टर को दिखा सकेंगे। रिपोर्ट डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से उसे सुरक्षित रखना भी आसान होगा। कागज की रिपोर्ट खोने या खराब होने की स्थिति में मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि डिजिटल रिपोर्ट को जरूरत के अनुसार दोबारा देखा जा सकेगा।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर कदम
रिम्स में मरीजों की सुविधाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में इस व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अस्पतालों में ऑनलाइन पंजीकरण, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड और ऑनलाइन रिपोर्ट जैसी सुविधाओं से मरीजों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों दोनों पर काम का दबाव कम किया जा सकता है।
नई प्रणाली पूरी तरह प्रभावी होने के बाद जांच रिपोर्ट के लिए काउंटर पर होने वाली भीड़ में कमी आने की उम्मीद है। मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया, लिंक या अन्य तकनीकी जानकारी जांच के समय उपलब्ध कराई जा सकती है। रिम्स की यह पहल खासकर बुजुर्गों, गंभीर मरीजों और दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। अब जांच कराने के बाद रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने के बजाय मोबाइल पर ही जानकारी उपलब्ध होने से इलाज की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और तेज हो सकेगी।
Next Story