झारखंड
नितिन नवीन का कांग्रेस पर हमला, संविधान को लेकर उठाए सवाल
Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 5:49 PM IST

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रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने शासनकाल में कभी संविधान का पालन नहीं किया और अपनी मनमानी से देश चलाया। उन्होंने कहा कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश की जा रही है, जबकि संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस का अपना इतिहास इससे जुड़ी घटनाओं से भरा हुआ है।
नितिन नवीन शनिवार को झारखंड के तीन दिवसीय दौरे के दौरान रांची में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कांग्रेस की राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आपातकाल लागू करने से लेकर विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने तक कई ऐसे कदम उठाए, जिन्हें वह संविधान की भावना के विपरीत मानते हैं।
संविधान और लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग संविधान की रक्षा करने की बात करते हैं, उन्होंने ही अतीत में संविधान को कमजोर करने वाले कदम उठाए थे।
नवीन ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले पार्टी को यह बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए उसने संविधान की मर्यादाओं का कितना पालन किया।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने कई मौकों पर अपनी राजनीतिक जरूरतों के अनुसार फैसले लिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया। भाजपा अध्यक्ष ने इन आरोपों के समर्थन में आपातकाल और विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने का जिक्र किया।
उनके इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आपातकाल और राष्ट्रपति शासन का किया जिक्र
नितिन नवीन ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आपातकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में आपातकाल लागू किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना है। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए किया।
उन्होंने विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के फैसलों का भी उल्लेख किया। नवीन के अनुसार, कांग्रेस ने लोकतंत्र की दुहाई देने के बावजूद ऐसे कदम उठाए, जिन पर संवैधानिक मर्यादाओं और राजनीतिक जवाबदेही के लिहाज से सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि भारत के राजनीतिक इतिहास में आपातकाल और राष्ट्रपति शासन को लेकर अलग-अलग दलों के बीच लंबे समय से बहस होती रही है। भाजपा इन घटनाओं का उल्लेख कर कांग्रेस को घेरती रही है, जबकि कांग्रेस भी संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भाजपा की नीतियों की आलोचना करती रही है।
ऐसे में नितिन नवीन का यह बयान मौजूदा राजनीतिक माहौल में दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा माना जा रहा है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब इन संस्थाओं की भूमिका को लेकर इसी तरह के सवाल नहीं उठाए गए।
नवीन ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और संविधान के मुद्दे पर भाजपा को घेरने का प्रयास करती है, लेकिन उसे अपने अतीत की घटनाओं का भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा अध्यक्ष का दावा था कि इन गतिविधियों को देश के भीतर के कुछ समूहों के साथ-साथ विदेशी ताकतों का भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने अपने संबोधन में किन विशिष्ट घटनाओं या समूहों का उल्लेख किया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस की ओर से इन ताजा आरोपों पर इस कार्यक्रम के दौरान कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए नवीन के आरोपों को भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तीन दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचे भाजपा अध्यक्ष
नितिन नवीन 23 अक्टूबर को झारखंड के तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे थे। 24 अक्टूबर को उन्होंने भाजपा के जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठक की। इसके बाद वह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। यह दौरा राज्य में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मजबूती और पार्टी की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की जा रही है। भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि प्रदेश स्तर से लेकर जिला और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाया जाए।
नवीन ने जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक कर संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इसके बाद कार्यकारिणी के उद्घाटन सत्र में उनका संबोधन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण रहा।
झारखंड भाजपा के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रदेश इकाई में हाल ही में संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा नए पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और पार्टी की आगे की दिशा तय करने का अवसर माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश
भाजपा अध्यक्ष के दौरे का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश संगठन के कामकाज की समीक्षा करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करना है। कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नवीन के संबोधन में कांग्रेस की आलोचना के साथ-साथ संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र को लेकर भाजपा का राजनीतिक दृष्टिकोण सामने आया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस के इतिहास को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाएगी।
झारखंड में भाजपा की आगे की रणनीति और संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर भी इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में होने वाले विचार-विमर्श से प्रदेश इकाई की आगामी गतिविधियों की दिशा तय होने की उम्मीद है।
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