
कोडरमा : झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन में कार्यरत लोको निरीक्षक बंगाली चैंपिया की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक की पत्नी आशापरी होनहागा ने कोडरमा रेल थाना (जीआरपी) में आवेदन देकर एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और इसी दबाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
पत्नी के आवेदन के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालने में जुट गई है।
पत्नी ने जीआरपी में दिया आवेदन
जानकारी के अनुसार, बंगाली चैंपिया कोडरमा रेलवे में क्रू इंचार्ज (लोको निरीक्षक) के पद पर कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी आशापरी होनहागा ने कोडरमा रेल थाना में आवेदन देकर मामले की जांच की मांग की है।
आवेदन में उन्होंने वरीय विद्युत मंडल अभियंता, धनबाद रजत कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का कहना है कि उनके पति पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे।
मानसिक प्रताड़ना और दबाव का लगाया आरोप
आशापरी होनहागा ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि वरीय मंडल अभियंता रजत कुमार सिंह द्वारा लगातार उनके पति पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार और प्रताड़ना के कारण बंगाली चैंपिया परेशान रहने लगे थे। पत्नी के अनुसार, इस वजह से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई और वह काफी तनाव में रहने लगे थे।
हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
रेलवे कर्मियों में चर्चा का विषय बना मामला
लोको निरीक्षक बंगाली चैंपिया की मौत की खबर के बाद रेलवे कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल है। कर्मचारियों के बीच घटना को लेकर चिंता और दुख देखा जा रहा है।
रेलवे जैसे बड़े विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच काम के दबाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इस मामले में भी अब कथित मानसिक दबाव और कार्यस्थल के माहौल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जांच में जुटी जीआरपी
आवेदन मिलने के बाद कोडरमा रेल थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।
जांच के दौरान मृतक के मोबाइल रिकॉर्ड, सहकर्मियों के बयान और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार ने मांगा न्याय
मृतक की पत्नी ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि बंगाली चैंपिया एक जिम्मेदार कर्मचारी थे और अचानक हुई उनकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी तरह का मानसिक दबाव या प्रताड़ना हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी
इस मामले में अभी आरोपी बनाए गए अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रेलवे प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यस्थल पर मानसिक दबाव का मुद्दा फिर चर्चा में
इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर मानसिक तनाव और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को सामने ला दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विभाग में कर्मचारियों पर काम का दबाव हो सकता है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग का माहौल जरूरी है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल कोडरमा लोको निरीक्षक बंगाली चैंपिया की मौत का मामला जांच के दायरे में है। पत्नी की शिकायत के बाद मामले में नया मोड़ जरूर आया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जीआरपी अब इस पूरे मामले में तथ्यों को जुटाने और घटना के कारणों का पता लगाने में लगी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा से ही स्पष्ट होगा कि बंगाली चैंपिया की मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।





