
धनबाद। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर मैथन थाना क्षेत्र में झारखंड-बंगाल सीमा के पास मंगलवार सुबह नया चेकनाका स्थापित किया गया। मुकुल पेट्रोल पंप के समीप बनाए गए इस चेकनाका पर पश्चिम बंगाल से झारखंड की ओर आने वाले मालवाहक वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार खुद मौके पर मौजूद रहे और कई घंटों तक ट्रकों तथा अन्य मालवाहक वाहनों के दस्तावेजों और लोड की जांच कराई।
चेकनाका शुरू होते ही पुलिस कर्मियों ने सीमा पार से आने वाले वाहनों को रोककर एक-एक कर जांच शुरू की। इस दौरान स्थानीय युवकों का भी सहयोग लिया गया। पुलिस की प्राथमिकता उन वाहनों की जांच पर रही, जिनमें कोयला, बालू, गिट्टी और सरिया जैसे भारी माल लदे थे।
जांच के दौरान ओवरलोडिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक वजन लेकर तो नहीं चल रहे हैं। इसके अलावा जीएसटी चालान, परिवहन से जुड़े वैध कागजात, वाहन दस्तावेज और माल से संबंधित बिल की भी जांच की जा रही है।
मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार ने बताया कि यह चेकनाका वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले आदेश तक जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, झारखंड-बंगाल सीमा से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन गुजरते हैं। इनमें औद्योगिक और निर्माण सामग्री से जुड़े ट्रक भी शामिल रहते हैं। ऐसे में वैध कागजात और निर्धारित भार सीमा की जांच जरूरी मानी जा रही है।
मंगलवार सुबह से ही पुलिस टीम चेकनाका पर सक्रिय रही। ट्रकों को रोककर चालक से संबंधित दस्तावेज मांगे गए और माल का मिलान भी किया गया। जिन वाहनों के कागजात सही पाए गए, उन्हें आगे जाने दिया गया।
वहीं जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज, ओवरलोडिंग या अन्य गड़बड़ी मिलने पर वाहन चालकों को नियमों के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
चेकनाका शुरू किए जाने का उद्देश्य सीमा से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों पर निगरानी मजबूत करना भी है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग या कर संबंधी अनियमितता के साथ कोई वाहन राज्य की सीमा में प्रवेश न करे।
कोयला, बालू और गिट्टी से जुड़े वाहनों की जांच को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इन सामग्रियों के परिवहन में वैध चालान और अन्य जरूरी कागजात का होना आवश्यक है। इसी के मद्देनजर पुलिस प्रत्येक वाहन के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
सरिया और अन्य निर्माण सामग्री लदे वाहनों में भी ओवरलोडिंग की जांच की जा रही है। अधिक वजन लेकर चलने वाले वाहनों से सड़कों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है और सड़क की स्थिति पर भी असर पड़ता है। इसी कारण पुलिस ने भार सीमा के अनुपालन पर जोर दिया है।
स्थानीय स्तर पर नया चेकनाका स्थापित होने के बाद वाहन चालकों को भी अधिक सतर्कता बरतनी पड़ रही है। सीमा पार करने वाले ट्रकों के ड्राइवर अब दस्तावेज साथ रखने और वाहन का वजन निर्धारित सीमा के भीतर रखने को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच अभियान अचानक शुरू नहीं किया गया, बल्कि वरीय अधिकारियों से मिले निर्देश के आधार पर इसे लागू किया गया है। अभियान की निगरानी भी नियमित रूप से की जाएगी।
मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार खुद चेकनाका पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि जांच के दौरान किसी वाहन चालक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की ढिलाई भी न बरती जाए।
सीमा क्षेत्र होने के कारण मैथन का यह इलाका मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पश्चिम बंगाल से झारखंड आने वाले कई वाहन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
ऐसे में नया चेकनाका शुरू होने से अवैध परिवहन और दस्तावेजों की गड़बड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की अलग से जांच की जाएगी।
जांच में केवल परिवहन दस्तावेज ही नहीं, बल्कि वाहन की स्थिति और नंबर प्लेट से संबंधित नियमों पर भी नजर रखी जा सकती है। पुलिस का फोकस फिलहाल भारी और मालवाहक वाहनों पर है।
स्थानीय लोगों ने भी सीमा पर जांच बढ़ाए जाने को महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के कारण इस क्षेत्र में अक्सर यातायात का दबाव बना रहता है। यदि ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई होती है तो इससे सड़क सुरक्षा में भी सुधार हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य कानून और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है। किसी खास वाहन या कारोबार को निशाना बनाने के बजाय सभी मालवाहक वाहनों की समान रूप से जांच की जा रही है।
चेकनाका पर तैनात पुलिस कर्मी वाहनों को क्रम से रोक रहे हैं, ताकि यातायात पूरी तरह बाधित न हो। जांच के दौरान लंबी कतार बनने की स्थिति में भी ट्रैफिक को व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।
ओपी प्रभारी के अनुसार यह अभियान अगले आदेश तक जारी रहेगा। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में भी पश्चिम बंगाल से झारखंड आने वाले मालवाहक वाहनों को इस चेकनाका पर जांच से गुजरना होगा।
पुलिस ने वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें और नियमों का पालन करें। इससे जांच प्रक्रिया भी सुचारु रहेगी और अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सकेगा।
फिलहाल मुकुल पेट्रोल पंप के समीप स्थापित नया चेकनाका झारखंड-बंगाल सीमा पर निगरानी का नया केंद्र बन गया है। पुलिस की ओर से कोयला, बालू, गिट्टी और सरिया लदे वाहनों की सघन जांच जारी है।
आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत कितने वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कितने मामलों में दस्तावेजों की गड़बड़ी पकड़ी गई, इस पर भी नजर रहेगी। फिलहाल पुलिस ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।





