
दरभंगा: मुंबई और दरभंगा के बीच हवाई यात्रा करने वाले लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्पाइसजेट की मुंबई-दरभंगा फ्लाइट रविवार को लगातार छठे दिन भी रद रही। दूसरी ओर दिल्ली से दरभंगा आने वाली कंपनी की उड़ान भी निर्धारित समय से करीब पौने दो घंटे की देरी से पहुंची। एक उड़ान रद होने और दूसरी के विलंबित रहने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुंबई से दरभंगा आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या एसजी-115 रविवार के शेड्यूल में भी रद रही। विमानन कंपनी ने यात्रियों को उड़ान रद होने की जानकारी पहले ही दे दी थी। पूर्व सूचना मिलने के कारण यात्री एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अचानक होने वाली परेशानी से तो बच गए, लेकिन उन्हें यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। लगातार छह दिनों से उड़ान का परिचालन नहीं होने के कारण मुंबई रूट के यात्रियों की समस्या बढ़ती जा रही है।
इस मार्ग से बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, कारोबारी, विद्यार्थी, मरीज और परिवार यात्रा करते हैं। उत्तर बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से मुंबई जाने वाले लोगों के लिए दरभंगा एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण विकल्प है। लगातार कई दिनों तक उड़ान रद रहने से यात्रियों को या तो अपनी यात्रा आगे बढ़ानी पड़ रही है या दूसरे शहरों के हवाई अड्डों से टिकट बुक करना पड़ रहा है। दोनों ही स्थितियों में समय और खर्च बढ़ सकता है।
फ्लाइट रद होने की सूचना मिलने के बाद कई यात्रियों को दूसरी तारीख की उड़ान चुननी पड़ी। जिन लोगों की यात्रा जरूरी थी, वे वैकल्पिक उड़ानों की तलाश करते रहे। मुंबई के लिए सीधे हवाई संपर्क का विकल्प उपलब्ध नहीं होने पर यात्रियों को दिल्ली या अन्य शहरों के रास्ते यात्रा करनी पड़ सकती है। इससे यात्रा का समय काफी बढ़ जाता है और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का खतरा भी बना रहता है।
विमानन कंपनी की ओर से यात्रियों को पहले सूचना देना राहत का एक पहलू रहा, लेकिन लगातार छठे दिन उड़ान रद होने से लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। जिन यात्रियों ने काफी पहले टिकट बुक कर यात्रा की योजना बनाई थी, उन्हें अपनी पूरी समय-सारिणी बदलनी पड़ रही है। होटल बुकिंग, रेलवे टिकट, चिकित्सा संबंधी समय और व्यावसायिक कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।
उड़ान रद होने के कारणों के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में यह बताना संभव नहीं है कि मुंबई-दरभंगा फ्लाइट का परिचालन लगातार क्यों प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को उम्मीद है कि विमानन कंपनी उड़ान रद होने के कारण और नियमित परिचालन बहाल होने की संभावित स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देगी।
मुंबई की फ्लाइट रद रहने के साथ दिल्ली से आने वाली स्पाइसजेट की उड़ान भी रविवार को समय पर नहीं पहुंच सकी। यह विमान निर्धारित समय से करीब एक घंटा 45 मिनट की देरी से दरभंगा पहुंचा। उड़ान के इंतजार में बैठे यात्रियों और उन्हें लेने एयरपोर्ट पहुंचे परिजनों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। देरी के कारण आगे की सड़क या रेल यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई।
हवाई यात्रा में विलंब का असर केवल एक उड़ान तक सीमित नहीं रहता। विमान के देर से आने पर उसी विमान से आगे जाने वाली उड़ान का समय भी प्रभावित हो सकता है। यात्रियों को एयरपोर्ट पर अतिरिक्त समय बिताना पड़ता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और मरीजों के लिए लंबा इंतजार विशेष रूप से कठिन हो सकता है।
मुंबई-दरभंगा मार्ग का नियमित संचालन क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण है। दरभंगा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों का बड़ा हिस्सा आसपास के जिलों और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों से भी आता है। उड़ान पकड़ने के लिए कई लोगों को लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती है। यदि उन्हें समय रहते सूचना न मिले तो एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगा समय और खर्च दोनों बेकार हो सकते हैं।
रविवार की उड़ान रद होने की सूचना पहले दिए जाने से यात्रियों को अपने कार्यक्रम में बदलाव करने का अवसर मिला। इसके बावजूद अचानक वैकल्पिक टिकट मिलना आसान नहीं होता। अन्य उड़ानों में सीटों की उपलब्धता सीमित होने या किराया अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को यात्रा स्थगित करनी पड़ सकती है। त्योहार, विवाह, नौकरी से जुड़ी जिम्मेदारियों या चिकित्सा कारणों से यात्रा करने वालों के लिए यह बड़ी समस्या बन जाती है।
यात्रियों को उड़ान की स्थिति जानने के लिए विमानन कंपनी की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ग्राहक सेवा के माध्यम से जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। लगातार उड़ान रद होने की स्थिति में एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि करना जरूरी हो जाता है। टिकट बदलने, धन वापसी या वैकल्पिक उड़ान से जुड़े विकल्प संबंधित टिकट की शर्तों और विमानन कंपनी की नीति के अनुसार उपलब्ध हो सकते हैं।
यात्रियों की मांग है कि मुंबई-दरभंगा उड़ान का नियमित परिचालन जल्द बहाल किया जाए। इसके साथ ही कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट किया जाए कि आने वाले दिनों में फ्लाइट का शेड्यूल सामान्य रहेगा या उसमें बदलाव की संभावना है। समय पर जानकारी मिलने से यात्री अपनी यात्रा बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकेंगे।
दरभंगा से मुंबई की सीधी उड़ान बंद रहने के कारण आसपास के अन्य हवाई अड्डों पर निर्भरता बढ़ सकती है। यात्रियों को पटना या दूसरे शहरों तक सड़क अथवा रेल मार्ग से जाना पड़ सकता है। इससे खासकर उन लोगों को अधिक परेशानी होती है, जिन्होंने दरभंगा से नजदीकी और सुविधाजनक यात्रा को ध्यान में रखकर टिकट बुक किया था।
लगातार छह दिन से एसजी-115 का रद रहना उड़ान की नियमितता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए समयबद्ध संचालन, रद होने के कारणों की पारदर्शी जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था महत्वपूर्ण है। रविवार को दिल्ली की उड़ान के पौने दो घंटे देर से पहुंचने ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।
फिलहाल मुंबई रूट के यात्रियों को उड़ान सेवा सामान्य होने का इंतजार है। नियमित विमान सेवा बहाल होने तक उन्हें वैकल्पिक उड़ानों, दूसरे हवाई अड्डों या रेल मार्ग का सहारा लेना पड़ सकता है। बार-बार उड़ान रद होने से समय, धन और यात्रा की योजनाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए यात्री जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।





