झारखंड
बंगाल की खाड़ी में हलचल, झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
Rajeshwari Nishad
23 Oct 2026 8:15 PM IST

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रांची। झारखंड में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ खराब मौसम की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली अगले कुछ दिनों में और मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। इसका असर झारखंड में 27 अक्टूबर से दिखाई देने की संभावना है, जबकि 28 और 29 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के 23 अक्टूबर 2026 के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड में 27 अक्टूबर तक किसी बड़ी मौसम संबंधी चेतावनी की स्थिति नहीं है। हालांकि, 28 और 29 अक्टूबर के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। 30 अक्टूबर को भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 23 अक्टूबर की सुबह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना है।इसके साथ समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली 24 अक्टूबर को अवदाब और 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में बदल सकती है।इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।हालांकि, चक्रवाती तूफान की वास्तविक तीव्रता और उसके आगे बढ़ने की दिशा आगामी मौसम बुलेटिन से स्पष्ट होगी।
27 अक्टूबर से बदलने लगेगा मौसम
झारखंड में 27 अक्टूबर से मौसम में बदलाव के शुरुआती संकेत दिखाई दे सकते हैं।रांची मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दिन राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है।दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।हालांकि, 27 अक्टूबर के लिए मौसम विभाग ने राज्यव्यापी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है।इसलिए सभी जिलों में एक साथ तेज बारिश होने की संभावना नहीं मानी जा रही है।
28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर के लिए झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अधिक वर्षा होने की संभावना है।गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा चलने का खतरा भी बना रह सकता है।मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी जाती है।विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों, निर्माण श्रमिकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
रांची में चार दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रांची में भी 27 से 30 अक्टूबर के बीच मौसम बदलने के संकेत हैं।
रांची का संभावित मौसम · 27–30 अक्टूबर
मंगल
27 अक्टू.28°
19° न्यून.
8%
बुध
28 अक्टू.22°
20° न्यून.
83%
गुरु
29 अक्टू.23°
18° न्यून.
62%
शुक्र
30 अक्टू.27°
18° न्यून.
67%
अधिकतम-न्यूनतम तापमान °C में और दिन में बारिश की संभावना। पूर्वानुमान बदल सकता है।रांची में 28 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना अधिक है। 29 और 30 अक्टूबर को भी रुक-रुककर बारिश हो सकती है।बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक महसूस होने की संभावना है।
किन जिलों में पड़ सकता है असर?
मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड के उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, दुमका, देवघर और जामताड़ा जैसे जिले शामिल हो सकते हैं।हालांकि, सभी जिलों में समान मात्रा में बारिश होने की संभावना नहीं है।बारिश की वास्तविक तीव्रता चक्रवाती प्रणाली की दिशा और उसकी ताकत पर निर्भर करेगी।इसलिए जिला-विशेष चेतावनी के लिए मौसम विभाग के नए बुलेटिन पर नजर रखना आवश्यक होगा।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा
चक्रवाती प्रणाली का असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रह सकता।कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।ऐसी स्थिति में कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है।हालांकि, झारखंड के सभी जिलों के लिए हवा की कोई एक निश्चित गति घोषित नहीं की गई है।मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
अक्टूबर का अंतिम सप्ताह कृषि गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।झारखंड के कई क्षेत्रों में इस समय धान की फसल पकने की अवस्था में रहती है।यदि लगातार बारिश होती है, तो तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है।कृषि विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, किसानों को मौसम पूर्वानुमान देखकर कटाई और फसल सुखाने की योजना बनानी चाहिए।कटाई के बाद खुले स्थान पर रखे धान को बारिश से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए।इसके अलावा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना भी उपयोगी हो सकता है।
तापमान में भी हो सकता है बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों के दौरान झारखंड में अधिकतम तापमान में बहुत बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।हालांकि, बादल बढ़ने और बारिश के कारण दिन का तापमान कम हो सकता है।रांची में 27 अक्टूबर को अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।वहीं, 28 अक्टूबर को यह लगभग 22 डिग्री और 29 अक्टूबर को 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।बारिश के दौरान नमी बढ़ने से मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।वाहन चालकों को बारिश के समय सावधानीपूर्वक गाड़ी चलानी चाहिए।निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की संभावित स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
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