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Ranchi रांची। झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, भाकपा (माओवादी) से जुड़े 20 से अधिक नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सुरक्षा एजेंसियों के बड़े अफसरों के साथ इनका संपर्क हो चुका है, हालांकि फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरेंडर का फैसला करने वाले नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी एक जोनल कमांडर भी शामिल बताया जा रहा है। इनके अलावा पांच लाख से 10 लाख रुपये तक के इनामी कई अन्य सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं। इनमें एक रीजनल कमांडर और एक सब-जोनल कमांडर स्तर का माओवादी भी बताया जा रहा है।
झारखंड पुलिस की ओर से 28 जुलाई को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में संभावित एक कार्यक्रम के दौरान इन सभी नक्सलियों का औपचारिक तौर पर सरेंडर कराया जा सकता है। ये नक्सली अपनी कई हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपेंगे। जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उनकी पहचान और संगठन में उनकी भूमिका से संबंधित जानकारी औपचारिक आत्ममसर्पण के दौरान सार्वजनिक की जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में झारखंड पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए गए लगातार अभियानों के कारण माओवादी संगठन को लगातार नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत कई इनामी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों के अभियान तेज होने, शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने और लगातार गिरफ्तारी की कार्रवाई के बीच संगठन पर दबाव बढ़ा है। माना जा रहा है कि इसी कारण बड़ी संख्या में सक्रिय नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
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