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JHARKHAND झारखंड: मानसूनी सिस्टम इस समय कमजोर पड़ गया है, जिसके कारण राज्य में 4 सितंबर तक सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन व्यापक और पर्याप्त बारिश की संभावना नहीं है। मौसम केंद्र रांची के वरिष्ठ मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक एस. सी. मंडल ने जानकारी दी कि मानसूनी गतिविधियों में यह कमजोरी अगस्त माह में भी देखने को मिली थी। उन्होंने बताया कि राज्यभर में अगस्त माह में सामान्य मानसूनी वर्षा 290.6 मिलीमीटर की तुलना में केवल 251.5 मिलीमीटर रही, जो सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत कम है। इसका मतलब है कि झारखंड के विभिन्न जिलों में जलस्तर और कृषि पर असर पड़ सकता है, खासकर फसल और जलाशयों के लिए यह कमी चिंता का विषय बन सकती है। वर्षा की कमी से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। जलाशयों और नदियों में पानी की कमी का असर भी दिखाई दे सकता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, तापमान में वृद्धि के कारण गर्मी और उमस का प्रभाव भी लोगों पर बढ़ सकता है।
एस. सी. मंडल ने बताया कि 5 सितंबर से 11 सितंबर के बीच राज्य में मानसूनी प्रणाली फिर सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान सामान्य बारिश की उम्मीद है, जिससे मौसम में सुधार और कृषि के लिए राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसानों और संबंधित विभागों को सिंचाई और फसल सुरक्षा के उपाय पहले से ही सुनिश्चित कर लेने चाहिए।विभाग ने आगे कहा कि मानसूनी प्रणाली में अस्थिरता और बारिश के पैटर्न में उतार-चढ़ाव आम हैं, लेकिन इस बार बारिश की कमी और बाद में सामान्य वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से झारखंड के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में वर्षा की असमानता का असर ज्यादा हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे जल संचय और सुरक्षा के उपाय अपनाएं। छतों और घरों में पानी के जमाव को रोकने के लिए नालियों और जल निकासी के रास्तों को साफ रखा जाए। इसके अलावा, खेतों में सिंचाई के लिए जल संचयन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की कमजोर प्रणाली का असर केवल वर्षा पर ही नहीं बल्कि कृषि, पेयजल और जलस्तर पर भी दिखाई देता है। इस समय फसल और जलस्तर पर नजर रखने के लिए राज्य और जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।मौसम केंद्र ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बादल और हल्की वर्षा की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। ऐसे में किसान और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस समय मानसूनी प्रणाली कमजोर होने के कारण राज्यभर में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में गर्मी और उमस का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है, इसलिए पानी पीने और सुरक्षित रहने की सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
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