झारखंड

सत्ताधारी दल के मंत्रियों व विधायकों ने राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल

Rani Sahu
28 Aug 2022 10:18 PM IST
सत्ताधारी दल के मंत्रियों व विधायकों ने राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल
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Ranchi: राज्य में सत्ताधारी दलों ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. सीएम हाउस में मीडिया से देर शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंत्री बन्ना गुप्ता, चंपई सोरेन व स्टीफन मरांडी समेत कई विधायकों ने राजभवन पर उंगली उठायी. बन्ना ने कहा लिफाफे में जो भी निर्णय है उसे सार्वजनिक करना चाहिए. राज्यपाल द्वारा निर्वाचन आयोग के लिफाफे में क्या है इसका खुलासा अभी तक नहीं किया जा रहा है. सत्तारुढ़ दलों के विधायक व मंत्री, निर्वाचन आयोग की तरफ से भेजे गये संदेश को जानना चाह रही है. सत्ताधारी दलों का कहना है कि लिफाफा नहीं खुलने की वजह से राज्य में राजनीतिक उहापोह की स्थिति बनी हुई है. सरकार का कामकाज रूका हुआ है. अटकलों का बाजार भी गर्म है. गौरतलब है कि झारखंड में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. मुख्यमंत्री आवास पर यूपीए विधायकों व मंत्रियों संग बैठकों का दौर चल रहा है. इधर, मुख्यमंत्री की विधानसभा की सदस्यता रद्द होने की निर्वाचन आयोग की अनुशंसा के अटकलों के बीच UPA अपने सारे विधायकों को एकजुट रखने की तमाम प्रयास कर रहा है.
– जब जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 9ए के तहत किसी की सदस्यता रद्द नहीं हुई है, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ संवैधानिक संस्थाओं को दुरुपयोग कर ऐसा बर्ताव क्यों?
– क्या कारण है कि चुनाव आयाग के पत्र राज्यपाल ने अपना मंतव्य नहीं दिया है. ऐसी क्या कानूनी सलाह है, जिसे नहीं ले पा रहे हैं.
-क्या समय काट कर राजभवन विधायकों की खरीद-फरोख्त को हवा देना चाहता है. हमनें महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में भी राज्यपाल की गरिमा को गिरते हुए देखा है.
-बड़ा दुःखद है कि राज्य में एक बाहरी गैंग काम कर रहा है. नीचे से ऊपर तक बैठे इस गैंग के सभी लोगों में एक समानता है.
-क्या भाजपा व उसकी अनुषंगी संस्थाओं को आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं पच रहा है.
-राज्य को अराजक स्थिति की ओर से धकेलने से बचें.
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