झारखंड

रिम्स में MBBS की 70 सीटें बढ़ीं, अब 250 छात्रों को मिलेगा प्रवेश

Kavita2
16 July 2026 10:08 AM IST
रिम्स में MBBS की 70 सीटें बढ़ीं, अब 250 छात्रों को मिलेगा प्रवेश
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रांची : झारखंड के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एमबीबीएस की 70 नई सीटें बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब रिम्स में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या 180 से बढ़कर 250 हो गई है। नई सीटों पर दाखिला शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा।

एनएमसी की मंजूरी के बाद राज्य के मेडिकल छात्रों के लिए एमबीबीएस में प्रवेश के अवसर बढ़ जाएंगे। लंबे समय से रिम्स में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी, ताकि झारखंड के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को राज्य में ही बेहतर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिल सके। सीटों में यह बढ़ोतरी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रिम्स झारखंड का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां हर साल बड़ी संख्या में छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेते हैं। पहले संस्थान में 180 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध थीं, जिसके कारण सीमित संख्या में ही विद्यार्थियों को प्रवेश मिल पाता था। अब 70 अतिरिक्त सीटें मिलने से मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और अधिक छात्र डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकेंगे।

2026-27 सत्र से 250 सीटों पर प्रवेश

एनएमसी की अनुमति मिलने के बाद रिम्स प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एमबीबीएस में दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) के माध्यम से होता है। नई सीटों के जुड़ने के बाद नीट में सफल होने वाले विद्यार्थियों के लिए रिम्स में प्रवेश पाने का अवसर बढ़ जाएगा।

रिम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि सीटों में बढ़ोतरी के लिए आवश्यक संसाधनों, फैकल्टी, अस्पताल सुविधाओं और अन्य मानकों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया गया। एनएमसी के निरीक्षण और तय मानकों के आधार पर यह मंजूरी दी गई है।

मेडिकल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार

एमबीबीएस सीटों में वृद्धि केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिक संख्या में डॉक्टर तैयार होने से भविष्य में झारखंड को बेहतर चिकित्सा मानव संसाधन मिल सकेगा। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

रिम्स में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान के बड़े अस्पताल नेटवर्क और विभिन्न विभागों में प्रशिक्षण का अवसर मिलता है। सीटों की संख्या बढ़ने के साथ मरीजों की सेवा और मेडिकल प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने की जरूरत होगी।

पीजी सीटें बढ़ाने की भी तैयारी

एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी के बाद अब रिम्स में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों को बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। संस्थान का लक्ष्य है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए और विभिन्न विभागों में पीजी पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाए।

पीजी सीटों में वृद्धि होने से राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वर्तमान समय में कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज राज्य में ही उपलब्ध हो सकेगा।

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम उपलब्धि

रिम्स में एमबीबीएस सीटों की बढ़ोतरी को झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया जा रहा है। राज्य सरकार और रिम्स प्रशासन लंबे समय से मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रहे हैं। इस फैसले से न केवल मेडिकल छात्रों को फायदा मिलेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित डॉक्टर भी मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। नए डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना रहती है।

रिम्स में 70 नई एमबीबीएस सीटों की मंजूरी झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा और आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। अब सभी की नजरें 2026-27 के नए शैक्षणिक सत्र पर हैं, जब 250 सीटों के साथ रिम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई का नया अध्याय शुरू होगा।

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