झारखंड

परीक्षा धांधली का बड़ा खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

Saba Naaz
22 July 2026 5:17 PM IST
परीक्षा धांधली का बड़ा खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
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झारखंड: लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली और फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी को रांची पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने गोड्डा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रांची ले जाया गया, जहां उससे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मनोज कुमार तिवारी इस पूरे मामले का प्रमुख सूत्रधार बताया जा रहा है। उसके पास से करीब पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ रांची के नगड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच एजेंसियां लगातार उसकी तलाश कर रही थीं। मंगलवार देर रात पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया है कि मनोज कुमार तिवारी पहले जेपीएससी की परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसे परीक्षा संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और प्रक्रियाओं की जानकारी थी। आरोप है कि उसने इसी पद का दुरुपयोग करते हुए परीक्षाओं में गड़बड़ी की।

पुलिस जांच के मुताबिक, मनोज तिवारी ने एजेंसी में काम करने के दौरान खुद भी कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं और छह परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इसके बाद वह सरकारी नौकरी में पहुंच गया। सीजीएल परीक्षा में उसे पूरे राज्य में दूसरा रैंक प्राप्त हुआ था। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अप्रैल महीने में उसने पोड़ैयाहाट प्रखंड में एमओ के पद पर योगदान दिया था।

मामले की जांच के दौरान रांची पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के रांची स्थित कार्यालय को भी सील कर दिया है। कंपनी से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा में धांधली का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, मनोज कुमार तिवारी के कुछ रिश्तेदारों के भी सरकारी विभागों में पदों पर होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस पहलू को भी खंगाल रही हैं कि क्या इन नियुक्तियों में भी किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।

मनोज तिवारी की गिरफ्तारी के बाद पोड़ैयाहाट प्रखंड और गोड्डा जिला आपूर्ति कार्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल रहा। बताया जा रहा है कि वह पोड़ैयाहाट बांझी रोड इलाके में किराए के मकान में रह रहा था, जहां से सीआईडी और रांची पुलिस की टीम ने देर रात करीब दो बजे उसे हिरासत में लिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ब्लैक लिस्ट की गई आउटसोर्सिंग कंपनी टीडीपीएल से भी आरोपी का संबंध रहा है। वह इस कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम कर चुका था। एजेंसियां अब कंपनी के रिकॉर्ड, कर्मचारियों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।

इस पूरे मामले में राज्य सरकार के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां जेपीएससी से जुड़ी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी से पूछताछ जारी है। पुलिस और सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा धांधली में किस स्तर तक नेटवर्क फैला हुआ था और कितने अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाया गया। मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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