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धनबाद सदर अस्पताल में आंख के मरीजों के इलाज पर उठे सवाल
धनबाद: झारखंड के धनबाद सदर अस्पताल में आंखों के इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा देने के बजाय निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल में कम खर्च या मुफ्त इलाज की उम्मीद से पहुंचते हैं, लेकिन कई बार उन्हें जांच और ऑपरेशन के नाम पर बाहर जाने की सलाह दी जाती है। इससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।
सरकारी अस्पताल में सुविधा होने के बावजूद परेशानी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सदर अस्पताल में आंखों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रास्ता दिखाया जा रहा है, जहां इलाज का खर्च काफी ज्यादा होता है। मरीजों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों को राहत देना है, लेकिन ऐसी स्थिति में गरीब लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
मरीजों ने उठाए सवाल
आंखों की समस्या लेकर पहुंचे कई मरीजों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर सरकारी अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध है तो उन्हें बाहर क्यों भेजा जा रहा है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कराने और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग से जवाब की मांग
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, जांच और इलाज की सुविधाएं सुचारू रूप से मिलनी चाहिए ताकि गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा न लेना पड़े। स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की जांच जरूरी बताई जा रही है।
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