झारखंड

गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार

Kavita2
18 July 2026 9:53 AM IST
गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार
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गिरिडीह : झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। गिरिडीह पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार देर रात हरलाडीह इलाके में की गई। अजय महतो प्रतिबंधित संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) का सदस्य बताया जा रहा है और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर गिरिडीह पुलिस ने इलाके में विशेष अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने हरलाडीह क्षेत्र में घेराबंदी कर अजय महतो को पकड़ा। उसके साथ दो अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनके पास से हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद करने का दावा किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, अजय महतो भाकपा माओवादी संगठन के शीर्ष कैडरों में शामिल था और क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से झारखंड में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

बताया जा रहा है कि अजय महतो कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा के करीबी सहयोगियों में से एक था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा झारखंड में माओवादी संगठन के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता है। अजय महतो लंबे समय तक उसके निर्देशों के अनुसार संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करता रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अजय महतो पर कई गंभीर नक्सली मामलों में संलिप्त होने का आरोप है। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों की आपूर्ति, संगठन के विस्तार और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा करने की बात कही है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अजय महतो से पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वर्तमान समय में माओवादी संगठन की गतिविधियां किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं, संगठन के लिए काम करने वाले अन्य सदस्यों की जानकारी क्या है और हथियारों की आपूर्ति का नेटवर्क किस प्रकार संचालित किया जा रहा था।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि बड़े स्तर के कमांडर की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन की रणनीति और गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य नक्सलियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की ओर से संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियानों का उद्देश्य नक्सली संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और उनके नेटवर्क को कमजोर करना है। हाल के वर्षों में कई शीर्ष नक्सली नेताओं और सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी से संगठन को नुकसान पहुंचा है।

गिरिडीह पुलिस की इस कार्रवाई को इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सुरक्षा बलों को मिलने वाली हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों नक्सलियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। बरामद हथियारों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया था और संगठन के अन्य सदस्यों तक कैसे पहुंच बनाई जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर भी इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय माओवादी गतिविधियों को देखते हुए अजय महतो की गिरफ्तारी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ कर रही हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि अजय महतो से मिली जानकारी के आधार पर नक्सली संगठन के खिलाफ आने वाले दिनों में और बड़े अभियान चलाए जा सकते हैं।

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