झारखंड

मानसिक मरीजों के अधिकारों पर कानूनी जागरूकता

Saba Naaz
15 July 2026 3:58 PM IST
मानसिक मरीजों के अधिकारों पर कानूनी जागरूकता
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पाकुड़: मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) से पीड़ित लोगों के प्रति समाज को अधिक संवेदनशील बनाने, उनके मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा एक विशेष पहल की गई है। पाकुड़ के सोनाजोड़ी स्थित आईटीआई (ITI) संस्थान परिसर में बुधवार को एक भव्य विधिक जागरूकता शिविर (Legal Awareness Camp) का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के इस वंचित और संवेदनशील वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना और उन्हें मिलने वाली सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों और विधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

इस जागरूकता शिविर में मुख्य रूप से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) द्वारा संचालित ‘मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना-2024’ (Legal Services for Persons with Mental Illness and Intellectual Disability Scheme-2024) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। शिविर के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को इस योजना के महत्व को समझाया गया, ताकि वे समाज में जाकर ऐसे पीड़ित व्यक्तियों और उनके परिवारों की मदद कर सकें जिन्हें कानूनी सहायता की सख्त जरूरत है।

शिविर को संबोधित करते हुए स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि अक्सर मानसिक बीमारी या बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित लोगों को समाज में उपेक्षा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। कई बार जागरूकता के अभाव में उनके मौलिक और कानूनी अधिकारों का हनन होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नालसा की इस नई योजना-2024 का मूल उद्देश्य ऐसे सभी पीड़ितों को पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत पीड़ित व्यक्तियों को न केवल अदालती मामलों में मुफ्त वकील और कानूनी सलाह दी जाएगी, बल्कि उन्हें न्याय प्रणाली से जोड़कर समाज में एक सुरक्षित माहौल भी प्रदान किया जाएगा। अध्यक्ष ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया और आवेदन करने के नियमों के बारे में भी बारीकी से समझाया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएसपी मुख्यालय उज्ज्वल कुमार साहा ने भी शिविर में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के अंतर्संबंधों पर बात करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन ऐसे संवेदनशील मामलों में डीएलएसए के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उनके आस-पास कोई ऐसा व्यक्ति है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है और किसी प्रकार के शोषण का शिकार हो रहा है, तो उसकी सूचना तुरंत प्राधिकार या स्थानीय प्रशासन को दें।

शिविर के अंत में डीएलएसए के पदाधिकारियों ने बताया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जिला न्यायालय परिसर में स्थित अपने कार्यालय के माध्यम से ऐसे परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर है। इस सफल विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से कॉलेज के युवाओं को एक 'लीगल एंबेसडर' के रूप में तैयार करने का प्रयास किया गया, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मुफ्त न्याय की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

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