
Jharkhand:खूंटी जिला एवं सत्र न्यायालय ने अफीम तस्करी के एक पुराने मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि जुर्माना नहीं दिया गया तो दोषियों को 1-1 साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
2019 में पुलिस ने किया था गिरफ्तार
यह मामला मारंगहादा थाना क्षेत्र का है, जहां 3 अप्रैल 2019 को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ तस्कर अफीम की बड़ी खेप लेकर रांची की ओर जा रहे हैं। इसके बाद कुजराम पुल के पास जांच अभियान चलाया गया और टाटा इंडिगो कार को रोका गया। जांच के दौरान कार से करीब 5 किलो अफीम बरामद हुई थी। मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
दोषियों की पहचान और लंबी सुनवाई
दोषियों में शत्रुघ्न स्वांसी उर्फ नरेश स्वांसी (हितुटोला, खूंटी), संजय कुमार नायक उर्फ जोले (सारिदकेल) और प्रेमचंद ठाकुर उर्फ पिंटू (चतरा) शामिल हैं। यह मामला पिछले 7 वर्षों से कोर्ट में चल रहा था, जिस पर बुधवार को अंतिम फैसला आया।
10 गवाहों और 13 दस्तावेजों से साबित हुआ मामला
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों और 13 दस्तावेजों के साथ 5 भौतिक साक्ष्य पेश किए। इन मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया। सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता वेद प्रकाश ने सख्त सजा की मांग की थी।
अदालत का सख्त संदेश
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसीकेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया और कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है। इसी आधार पर यह कड़ा फैसला सुनाया गया।





