
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस बैठक में कैबिनेट ने कुल 49 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इनमें शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य आसान करने और विशेष परिस्थितियों वाले छात्रों को राहत देने जैसे बड़े निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला शिक्षा क्षेत्र को लेकर लिया गया। राज्य सरकार अब 1000 सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वर्चुअल क्लास शुरू करने की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
AI पावर्ड वर्चुअल क्लास के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। इसके तहत रांची स्थित झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) में दो केंद्रीय स्टूडियो बनाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में एक-एक स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे। इन स्टूडियो के माध्यम से छात्रों तक डिजिटल माध्यम से बेहतर शैक्षणिक सामग्री पहुंचाई जाएगी।
सरकार का मानना है कि AI आधारित शिक्षा व्यवस्था से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इससे विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और छात्र नई तकनीकों के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे।
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण और नक्शा पास कराने के नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी है। पंचायत क्षेत्रों में अब इंस्टीट्यूशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
नए नियमों के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई 4.50 मीटर छोड़ने पर ही नक्शा पास किया जा सकेगा। इससे पहले यह सीमा 9 मीटर थी। सरकार ने इसे कम कर 4.50 मीटर करने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और लोगों को भवन निर्माण की अनुमति लेने में आसानी होगी।
बैठक में गंभीर बीमारियों से पीड़ित स्कूली छात्रों को भी बड़ी राहत दी गई है। अब सिकल सेल, मधुमेह, हीमोफिलिया जैसी गंभीर और गैर-संक्रामक बीमारियों से जूझ रहे विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऐसे छात्रों को बीमारी के कारण पढ़ाई से दूर होने से बचाना है।
इसके अलावा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। अब राज्य के सभी जिलों में कल्याण विभाग के छात्रावासों का संचालन जिला स्तर पर गठित कमेटी के माध्यम से किया जाएगा। इस कमेटी की अध्यक्षता संबंधित जिले के उपायुक्त (DC) करेंगे। इससे छात्रावासों की व्यवस्था और निगरानी को बेहतर बनाने की योजना है।
कैबिनेट बैठक में झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की तारीखों को भी मंजूरी दी गई। विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल पांच कार्य दिवस होंगे। सत्र में राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में लिए गए फैसलों को राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण की दिशा में अहम कदम बताया है। सरकार का कहना है कि AI शिक्षा, आसान निर्माण नियम और छात्रों के लिए राहत जैसे फैसले राज्य के लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएंगे।
झारखंड सरकार आने वाले समय में शिक्षा, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित योजनाओं पर जोर दे रही है। 49 प्रस्तावों की मंजूरी के साथ सरकार ने राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।c





