झारखंड

Kanchanpur : खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ रहे दंपती की मौत

Kavita2
6 Aug 2026 5:50 PM IST
Kanchanpur : खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ रहे दंपती की मौत
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हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत कंचनपुर पंचायत के कंचनपुर गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। धान की खेती की तैयारी में जुटे एक दंपती की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, कंचनपुर गांव निवासी दंपती गुरुवार को अपने खेत में धान की फसल लगाने की तैयारी कर रहे थे। दोनों खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ने का काम कर रहे थे। बारिश के मौसम में अच्छी फसल की उम्मीद के साथ किसान परिवार खेतों में मेहनत कर रहा था, लेकिन अचानक हुई प्राकृतिक आपदा ने उनकी जिंदगी छीन ली।

बताया गया कि इसी दौरान मौसम में बदलाव आया और अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आने से पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दंपती को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दंपती खेती-किसानी पर निर्भर थे और परिवार की आजीविका का मुख्य साधन कृषि ही थी। धान की फसल के लिए खेत तैयार करने और बिचड़ा लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान हुए हादसे ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।

ग्रामीणों ने घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। वज्रपात से होने वाली मौतों को लेकर सरकार और जिला प्रशासन समय-समय पर लोगों को सावधानी बरतने की अपील करते रहे हैं। खासकर बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर इस दौरान अधिक जोखिम में रहते हैं, क्योंकि वे खुले क्षेत्रों में काम करते हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार ने एक साथ अपने दो सदस्यों को खो दिया है, ऐसे में सरकारी मदद से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।

घटना के बाद गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दंपती मेहनती थे और खेती के काम में हमेशा सक्रिय रहते थे। अचानक हुई इस घटना से हर कोई स्तब्ध है।

किसानों के लिए मानसून का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी मौसम में धान जैसी प्रमुख फसलों की तैयारी शुरू होती है। अच्छी पैदावार की उम्मीद में किसान दिन-रात खेतों में मेहनत करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाएं कई बार उनकी मेहनत और जीवन दोनों पर भारी पड़ जाती हैं।

कंचनपुर की यह घटना एक बार फिर मानसून के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को सामने लाती है। प्रशासन और विशेषज्ञों की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि बिजली चमकने और तेज गर्जना के समय पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें।

फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और प्रशासन मामले की आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है। इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और पूरे क्षेत्र को गम में डुबो दिया है।

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