झारखंड

Jharkhand में सोशल मीडिया पर फेम के लिए संरक्षित वन्यजीवों की हत्या करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

Anurag
22 April 2026 6:40 PM IST
Jharkhand में सोशल मीडिया पर फेम के लिए संरक्षित वन्यजीवों की हत्या करने के आरोप में युवक गिरफ्तार
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Ranchi रांची: झारखंड के खूंटी जिले में एक युवक द्वारा वन्य जीवों का शिकार करने और उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर डालने का मामला सामने आया है। यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए कुछ लोग कितनी दूर तक जा सकते हैं, इसका चिंताजनक उदाहरण भी है।

सूचना के अनुसार, कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला उजागर हुआ। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत पर वन विभाग ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

अधिकारियों के अनुसार, एक इंस्टाग्राम अकाउंट नियमित रूप से ऐसे वीडियो अपलोड कर रहा था जिसमें एक युवक विभिन्न जानवरों का शिकार करता और उन्हें मारता दिख रहा था। इनमें रसेल के बाइपर जैसे अत्यंत विषैले सांप, भारतीय रॉक पायथन और कई संरक्षित पक्षी शामिल थे। वीडियो में यह भी दिखाया गया कि युवक इन जानवरों का मांस पकाकर खा रहा था।

इस गंभीर मामले को देखते हुए, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने खूंटी पुलिस और वन विभाग को शिकायत की। जांच के बाद आरोपी की पहचान लुतर पुरती के रूप में हुई। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया और उसे वन विभाग की हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आरोपी द्वारा शिकार किए गए कई जानवर वन्यजीव कानून के तहत संरक्षित प्रजातियों में आते हैं और उनका शिकार करना गंभीर अपराध है।

घटना के बाद आरोपी के परिवार ने वन विभाग को आवेदन दिया। परिवार ने दावा किया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उन्होंने बताया कि युवक ने सांप का मांस खाने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गया था और उसकी चिकित्सा के लिए उसे राहत दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने युवक की ओर से माफी भी मांगी।

वन विभाग ने आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया है। परिवार ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को भविष्य में किसी भी समय पूछताछ के लिए पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी मामले की गहन जांच जारी है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जानवरों को “मनोरंजन” के रूप में मारना बेहद परेशान करने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य न केवल गैरकानूनी हैं बल्कि समाज में एक खतरनाक प्रवृत्ति को भी दर्शाते हैं।

वन विभाग के अधिकारी भी इस मामले को गंभीर मानते हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जाएगी।

इस घटना ने समाज में चेतावनी भी दी है कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए कुछ लोग कितने हद तक अनैतिक और गैरकानूनी कदम उठा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को यह समझना होगा कि जानवरों की सुरक्षा केवल कानून का मामला नहीं बल्कि मानवता और नैतिकता का भी विषय है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरोपी लुतर पुरती को आवश्यक चिकित्सा दी जा रही है और उसकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन भी किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने कितने और कौन-कौन से जानवरों का शिकार किया और कितने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए।

यह मामला न केवल खूंटी जिले में बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने वाले संगठन इस घटना को लेकर और अधिक सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे खतरनाक कंटेंट को न बढ़ावा दें और जानवरों की सुरक्षा में सहयोग करें।

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