झारखंड

Jharkhand : ओबी डंपिंग विवाद में ग्रामीण और कंपनी समर्थकों के बीच झड़प

Kavita2
10 Jun 2026 1:59 PM IST
Jharkhand : ओबी डंपिंग विवाद में ग्रामीण और कंपनी समर्थकों के बीच झड़प
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Jharkhand झारखंड : घनुडीह चीनकोठी बस्ती के समीप सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर रविवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। बस्ती के पास ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग का विरोध कर रहे ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि झड़प के दौरान कंपनी समर्थकों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। इससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और बस्ती के लोग भयभीत हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

घटना के बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। कई लोग अपने घरों में छिप गए और सड़कें खाली हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि ओबी डंपिंग से उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि उनका कार्य पूरी तरह वैध और सरकारी मंजूरी के तहत है।

स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों को शांत करने के लिए वार्ता शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कोई भी हिंसक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने इलाके में सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी सवाल भी खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ओबी डंपिंग से पानी और मिट्टी प्रदूषित होने का खतरा है और कृषि गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया है कि परियोजना के विस्तार के लिए सार्वजनिक सुनवाई और पर्यावरण अनुमोदन सुनिश्चित किया जाए।

कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि वह विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए तैयार है और किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं है। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ संवाद बढ़ाने और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करने का आश्वासन दिया।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है और इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सभी पक्षों को संयम बरतने और स्थिति को भड़काने से बचने का निर्देश दिया है।

घटना के बाद स्थानीय मीडिया और सामाजिक मंचों पर भी चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी विरोध जारी रहेगा। वहीं, परियोजना के पक्षधर लोग इसे विकास के लिए आवश्यक कदम मान रहे हैं।

यह झड़प क्षेत्र में परियोजना विस्तार और स्थानीय विरोध के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। प्रशासन और पुलिस दोनों ही इसे गंभीर स्थिति मान रहे हैं और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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