
Jharkhand झारखण्ड : पहाड़ की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले लंबे जाम और शुल्क वसूली की समस्याओं को खत्म करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नगर पालिका परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने मिलकर बैरियरों पर फास्टैग आधारित डिजिटल व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
बुधवार को दोनों गांवों की संयुक्त टीम ने कोल्हूखेत स्थित इको पर्यटन शुल्क बैरियर और माल रोड के दोनों बैरियरों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद व्यवस्था का ढांचा से तय लिया और मौजूदा संचालन प्रणाली की कमियों को समझा।
निरीक्षण के दौरान फास्टैग प्रणाली को लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी आयाम, उपकरणों की स्थापना और यातायात प्रबंधन से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किस तरह मौजूदा बैरियरों को डिजिटल प्रणाली के अनुरूप बदला जा सकता है, ताकि देनदार की हालत बिना मौजूदगी के उद्देश्य रूप से हो सके।
पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी में भारी संख्या में पर्यटक तैनात हैं, जिसके कारण बैरियरों पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है। साथ ही शुल्क वसूली की देनदारी प्रक्रिया के कारण समय ज्यादा लगता है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या के काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग आधारित प्रणाली लागू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शुल्क वसूली प्रक्रिया भी पूरी तरह अनियमित और डिजिटल हो जाएगी। इससे पर्यटकों की आवाजाही तेज होगी और पर्यटकों को जाम की परेशानी से राहत मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान दोनों यात्राओं के अधिकारियों ने बैरियरों की वर्तमान संरचना और तकनीकी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस बात पर भी विचार किया गया कि किस तरह इस प्रणाली को मौजूदा यातायात व्यवस्था के साथ एकीकृत किया जा सकता है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह कदम मसूरी में पर्यटन प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी ट्रैफिक नियंत्रण में मदद मिलेगी।
फास्टैग प्रणाली लागू होने के बाद वाहन बिना रुके बैरियर पार कर काबू और शुल्क स्वतः डिजिटल माध्यम से कट जाएगा। इससे कैश लेन-देन की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी, जिससे वीजा
कुल मिलाकर, मसूरी में प्रस्तावित यह डिजिटल व्यवस्था पर्यटन सीजन के दौरान होने वाली भीड़ और जाम की समस्या को कम करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।





