
Jharkhand झारखंड : राजधानी रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह उस समय बड़ा सड़क हादसा हो गया जब चुटूपालू घाटी में एक तेज रफ्तार मशीनरी लदा ट्रेलर अचानक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हो गया। यह दुर्घटना सुबह करीब 9.30 बजे हुई, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। हादसे में एक यात्री बस, छह कारें और तीन बाइक ट्रेलर की चपेट में आ गईं, जिससे दर्जनों लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर (नंबर एनएल01एडी-7009) घाटी क्षेत्र में ढलान से गुजर रहा था, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भारी वाहन तेजी से आगे बढ़ता गया और सामने चल रहे कई वाहनों को एक-एक कर टक्कर मारता चला गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में बाइक और कार सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रेलर चालक भी गंभीर स्थिति में पहुंच गया। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया गया। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज किया गया।
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम किया गया ताकि यातायात को दोबारा शुरू किया जा सके।
इस दुर्घटना में एक कार (नंबर जेएच024एम9939) ट्रेलर के अगले दोनों चक्कों के बीच फंस गई। यह दृश्य बेहद खतरनाक था, लेकिन सौभाग्य से कार में सवार चार लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार अगर टक्कर की तीव्रता थोड़ी और ज्यादा होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रेलर की रफ्तार काफी तेज थी और ढलान पर नियंत्रण खोने के बाद वह सीधे आगे बढ़ता गया। कई वाहन उसकी चपेट में आते चले गए। हादसे के बाद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे और कुछ देर के लिए सड़क पर स्थिति पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रेलर के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के असली कारणों की पुष्टि की जाएगी। ट्रेलर को जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुटूपालू घाटी जैसे ढलान वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की नियमित जांच और गति नियंत्रण बेहद जरूरी है।
इस घटना के बाद इलाके में लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
घटना के बाद पुलिस ने ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य कराया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद दोपहर तक मार्ग आंशिक रूप से चालू किया जा सका। हालांकि पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल करने में अभी समय लग सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, जैसे कि स्पीड ब्रेकर, इमरजेंसी रैंप और नियमित तकनीकी जांच। इससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और ट्रेलर के रखरखाव से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा और नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मार्ग पर स्थायी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





