
Jharkhand झारखण्ड : झारखंड में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के बीच धनबाद जिला कांग्रेस में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी है, जिससे संगठनात्मक एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के ओबीसी विभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रीतम रवानी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी केसी वेणुगोपाल को पत्र भेजकर धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह को पद से हटाने की मांग की है।
प्रीतम रवानी का आरोप है कि जिला संगठन के कामकाज में पारदर्शिता की कमी है और नेतृत्व स्तर पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को मजबूत करने के बजाय आंतरिक असंतोष बढ़ रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, धनबाद जिला कांग्रेस में लंबे समय से मतभेद चल रहे थे, लेकिन अब यह मामला शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। इससे स्थानीय स्तर पर पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व इस शिकायत की जांच कर सकता है और संगठनात्मक स्तर पर उचित निर्णय लिया जा सकता है।
झारखंड कांग्रेस के भीतर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में यह अंदरूनी खींचतान पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन सकती है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या संगठनात्मक बदलाव किए जाते हैं या नहीं।





