झारखंड

MMDR संशोधन बिल के खिलाफ सड़क पर उतरेगी झारखंड सरकार

nidhi
21 Aug 2026 9:16 AM IST
MMDR संशोधन बिल के खिलाफ सड़क पर उतरेगी झारखंड सरकार
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झारखंड के खनिज अधिकारों को लेकर CM सोरेन ने उठाई आवाज
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के नए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR Act) को लेकर विरोध का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह कानून खनिज संपन्न राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है और झारखंड के हितों पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य का है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है और खनन से मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ेगा।
सोरेन ने कहा कि झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खनन से जुड़े राजस्व पर निर्भर है। यदि राज्यों के अधिकारों को सीमित किया गया तो इसका सीधा असर विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पुनर्विचार की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्यों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस कानून पर दोबारा विचार करना चाहिए।
हेमंत सोरेन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने इस मामले में कदम नहीं उठाया तो झारखंड में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि यह केवल झारखंड का नहीं बल्कि सभी खनिज संपन्न राज्यों के अधिकारों का सवाल है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस कानून को खनन क्षेत्र में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लाया गया बताया जा रहा है। केंद्र का तर्क है कि इससे खनिज क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस मुद्दे पर अब केंद्र और झारखंड सरकार के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य सरकार जहां इसे अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं केंद्र इसे खनन व्यवस्था में सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। झारखंड जैसे राज्य के लिए खनिज संसाधन आर्थिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में MMDR संशोधन कानून को लेकर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और केंद्र-राज्य संबंधों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
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